Resume Tips: अगर आपको लगता है कि अच्छी डिग्री और मजबूत रेज्यूमे से नौकरी मिल जाएगी, तो अब तस्वीर बदल - चुकी है। दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी पाना आज हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने से भी ज्यादा मुश्किल हो गया है। वजह है-एआई की मदद से कुछ ही मिनटों में हजारों आवेदन भेजे जा रहे हैं, जिससे इन कंपनियों तक रिकॉर्ड संख्या में रेज्यूमे पहुंच रहे हैं।
एआई स्टार्टअप इलेवनलैब्स को इस साल के पहले छह महीनों में 1.8 लाख आवेदन मिले, लेकिन नौकरी सिर्फ 132 लोगों को मिली। यानी चयन दर करीब 0.07% रही। वहीं क्रिप्टो कंपनी कॉइनबेस की हायरिंग रेट करीब 0.1% है। तुलना करें तो हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हर साल करीब 3-4% आवेदकों का चयन होता है। लिंक्डइन के 'Easy Apply' फीचर और एआई टूल्स की वजह से अब एक उम्मीदवार सैकड़ों नौकरियों के लिए कुछ ही मिनटों में आवेदन कर सकता है। इससे कंपनियों के सामने सही उम्मीदवार की पहचान करना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।
ऐसे बनाएं रेज्यूमे
हर कंपनी और हर पद के लिए एक ही रेज्यूमे भेजना गलत है। चैटजीपीटी से बना सामान्य कवर लेटर बिना बदलाव के भी कंपनियों को न भेजें।
रेज्यूमे में सिर्फ जिम्मेदारियां लिखना गलत है... इसके साथ ही अपनी उपलब्धियां भी लिखें।
मजबूत रेज्यूमे अपनाएं ये टिप्स
हर नौकरी के हिसाब से रेज्यूमे को कस्टमाइज करें।
जॉब डिस्क्रिप्शन में दिए गए जरूरी स्किल्स और कीवर्ड को अपने रेज्यूमे में जरूर शामिल करें।
प्रोजेक्ट और पोर्टफोलियो के लिंक जोड़ें। बताएं कि आप नई कंपनी में आप क्या योगदान दे सकते हैं।
नौकरी चाहिए तो अभी से करें ये तैयारी
1. कम से कम 3-5 अच्छे प्रोजेक्ट बनाएं। यही इंटरव्यू में आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। इससे नौकरी मिल सकती है।
कई कंपनियां स्क्रीनिंग के लिए एआई आधारित एप्लिकेंट ट्रैकिंग सिस्टम (ATS) का इस्तेमाल कर रही हैं, जो पहले रिज्यूमे और आवेदन की जांच करता है। ऐसे में कंपनियां उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रही हैं जो आवेदन में यह साफ बताते हैं कि वे उस कंपनी के साथ क्यों काम करना चाहते हैं। उम्मीदवार का काम, प्रोजेक्ट और पोर्टफोलियो रिज्यूमे से ज्यादा असर डाल रहे हैं। अगर आपने कोई एप या सॉफ्टवेयर बनाया है, तो किसी पोर्टफोलियो लिंक में उसे जोड़ें... ताकि रे ज्यूमे के साथ कंपनियां आपके काम को भी देख पाएं।









