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Shisham Leaves Benefits: ग्रामीण क्षेत्रों में जोड़ों के दर्द, घुटनों की तकलीफ, कमर दर्द या पुराने चोट के दर्द में शीशम के पत्तों का लेप लगाने की सलाह दी जाती थी।

Shisham Leaves Benefits: आज के समय में जोड़ों का दर्द और शरीर में सूजन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। लोग इन परेशानियों से राहत पाने के लिए महंगे इलाज और दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन आयुर्वेद में कई ऐसे प्राकृतिक उपाय बताए गए हैं जो आसानी से घर पर अपनाए जा सकते हैं। इन्हीं में से एक है शीशम के पत्तों का उपयोग, जिसे पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में दर्द और सूजन कम करने के लिए प्रभावी माना जाता है। यही कारण है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में जोड़ों के दर्द, घुटनों की तकलीफ, कमर दर्द या पुराने चोट के दर्द में शीशम के पत्तों का लेप लगाने की सलाह दी जाती थी। 

सूजन और जोड़ो के दर्द में मिलता है राहत

आयुर्वेद की माने तो शीशम के पत्तों में सुजन रोधी गुण पाए जाते हैं। अगर पत्तियों का लेप बनाकर जोड़ों या फिर मोच वाले स्थान पर लगाया जाए तो जोड़ों के दर्द, मोच और हल्की सूजन में राहत मिलती है। बुजुर्ग बताते हैं कि पहले के समय में जब तुरंत दवा नहीं मिलती थी तब शीशम का लेप ही लगाया जाता था। 

कैसे करें इस्तेमाल?

जब कभी भी आपको शीशम के पत्तों को इस्तेमाल करना हो तो सबसे पहले उसे अच्छे धो लें ताकि उसमें से गंदगी हट जाए। इसके बाद पत्तों को कूट लें। अब पत्तों को सरसों के तेल में हल्का गर्म कर लें। नरम होने पर पत्तों का लेप बना लें या फिर किसी सूती कपड़े में बांधकर इस्तेमाल कर लें। 

शीशम के पत्तों के अन्य इस्तेमाल

आयुर्वेद के अनुसार शीशम के पत्तों के कई अन्य उपयोग भी हैं। जैसे पत्तियों का रस या पेस्ट फोड़े-फुंसी, खुजली और छोटे घाव में लाभकारी माना जाता है। शीशम के पत्तों से बना काढ़ा पीने से पेट दर्द, गैस और हल्के दस्त जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। इसके अलावा काढ़ा बुखार और शरीर दर्द में भी काम आता है।

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