rajasthanone Logo
Ajmer Leopard Safari Project: अजमेर को बड़ा टूरिज्म बूस्ट मिलेगा। गंगा भैरव घाटी में जल्द ही लेपर्ड सफारी शुरू होगी। आइए जानते हैं पूरी खबर।

Ajmer Leopard Safari Project: अजमेर शहरवासियों और पर्यटकों के लिए जल्द ही बड़ी सौगात मिलने जा रही है। काजीपुरा स्थित गंगा भैरव घाटी में बन रहा लेपर्ड सफारी प्रोजेक्ट लगभग 6 महीने में शुरू होने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद पर्यटक यहां जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव ले सकेंगे। आपको बता दें कि भैरव घाटी में अभी करीब 10 लेपर्ड हैं। वहीं यहां मौजूद लेपर्ड के लिए हिरण भी छोड़े जाएंगे। इसके लिए वन विभाग को बरसात का इंतजार है। इसके अलावा नील गाय, फॉक्स, जैकाल, मोर और अन्य पक्षी हैं।इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार की ओर से करीब 3 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। अब यहां मेन गेट, चारदीवारी बनाने के अलावा 8 किलोमीटर का ट्रैक, टिकट विंडो, वॉच टावर आदि का काम चल रहा है।

लेपर्ड सफारी से बदलेगा अजमेर पर्यटन का चेहरा

इसके अलावा पर्यटक यहां ऐतिहासिक पृथ्वीराज पोल भी देख सकेंगे। उप वन संरक्षक पी. बालामुरुगन ने बताया कि अरावली की पहाड़ी के बीच गंगा भैरव घाटी को साल 2023 में संरक्षित क्षेत्र घोषित किया था। सरकार ने बजट घोषणा के अनुरूप तीन करोड़ रुपए स्वीकृत किए। इससे यहां प्रवेशद्वार, बुकिंग विंडो कक्ष, करीब 8 किमी का सफारी ट्रैक, बाउंड्री वॉल, पार्किंग, 4 हेक्टेयर का प्रे-बेस, उप वन संरक्षक पी. बालामुरुगन ने बताया- अरावली की पहाड़ी के बीच गंगा भैरव घाटी को साल 2023 में संरक्षित क्षेत्र घोषित किया था। सरकार ने बजट घोषणा के अनुरूप तीन करोड़ रुपए स्वीकृत किए। इससे यहां प्रवेशद्वार, बुकिंग विंडो कक्ष, करीब 8 किमी का सफारी ट्रैक, बाउंड्री वॉल, पार्किंग, 4 हेक्टेयर का प्रे-बेस, वन चौकी, वाटर पॉइंट्स, फूड कोर्ट, टूरिस्ट रेस्ट हाउस, टॉयलेट्स सहित अन्य निर्माण कार्य जारी हैं।

पर्यटकों को मिलेगा जंगल एडवेंचर का अनुभव

वन विभाग को उम्मीद है कि सफारी के प्रति सैलानियों को विशेष आकर्षण है। ऐसे में सैलानियों की संख्या बढ़ने के साथ ठहराव भी बढ़ेगा। उप वन संरक्षक पी. बालामुरुगन ने बताया कि यहां घास के मैदान तैयार किए जाएंगे। वर्तमान में बनाई सड़क को इस बरसात में देखेंगे और अगर कहीं बरसात से सड़क टूटी तो वहां सीमेंटेंड सड़क बनाई जाएगी। इसके अलावा यहां एक ऐतिहासिक पृथ्वीराज पोल भी है। यहां जाने के लिए अभी कोई व्यवस्था नहीं है। पर्यटक यहां भी जा सकें, इसलिए अगले फेज में यहां का रास्ता बनाकर, अन्य उपाय किए जाएंगे।

5379487