Shani Vakri in Meen Rashi 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों में शनि देव को न्याय, कर्म और अनुशासन का देवता माना गया है। आपको बता दें कि शनि ग्रह का किसी भी राशि में मार्गी या वक्री होना देश-दुनिया और सभी 12 राशियों के जीवन में गहरा और दूरगामी प्रभाव डालता है।
ज्योतिषियों के अनुसार, साल 2026 में शनि देव महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहे हैं। दृक पंचांग के अनुसार, शनि देव 27 जुलाई 2026 को गुरु की राशि मीन में वक्री अवस्था में होने जा रहे हैं। ऐसे में कुछ राशि के जातकों को लाभ मिल सकता है साथ ही साथ उनका स्वर्णिम काल भी शुरू हो सकता है।
1. वृषभ राशि
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का वक्री होना किसी वरदान से कम नहीं माना जा रहा है। क्योंकि इस दौरान आपकी राशि के लिए राजयोग कारक ग्रह माने जाते हैं। इस दौरान आपके आय में वृद्धि हो सकती है और नए - नए स्त्रोत भी बनेंगे। आपको बता दें कि अटका हुआ पैसा वापस भी मिल सकता है।
2. मिथुन राशि
शनि की उल्टी चाल से मिथुन राशि के जातकों के लिए शुभ रहने वाला है। क्योंकि शनि आपके दशम भाव यानी कर्म और बिजनेस के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगा। यदि आप कोई नया स्टार्टअप या कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो आपके लिए यह समय बिल्कुल अनुकूल रहेगा। क्योंकि मार्केट में आपकी मांग अधिक बढ़ जाएगी।
3. तुला राशि
ज्योतिषियों के अनुसार, तुला राशि वाले जातकों के स्वामी शुक्र देव हैं जो शनि देव के परम मित्र माने जाते हैं, इसलिए शनि की उल्टी चाल से तुला राशि वाले जातकों के कोर्ट - कचहरी और स्वास्थ्य संबंधित सारी परेशानियां दूर हो जाएगी। साथ ही साथ यदि आप पिछले किसी बिमारी से परेशान हैं तो आपको 27 जुलाई के बाद राहत मिल सकती है।
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