UGC New Guidelines: राजस्थान समेत देशभर में कानून की पढ़ाई कर रहे छात्रों को अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और फोरेंसिक इन्वेस्टिगेशन का अध्ययन करना होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी लॉ विश्वविद्यालयों और विधि महाविद्यालयों को सिलेबस में नए आपराधिक कानूनों और फोरेंसिक जांच से जुड़े विषय शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसके तहत छात्रों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के साथ भारतीय न्याय संहिता की विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि वे नई आपराधिक न्याय व्यवस्था के अनुरूप तैयार हो सकें। पिछले साल डीजी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस में इस पर मंथन हुआ था। इसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और कानून विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि विधि शिक्षा में नए आपराधिक कानून और फोरेंसिक जांच को शामिल किया जाए।
ये प्रमुख बदलाव होंगे
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) और फोरेंसिक जांच का अध्ययन अनिवार्य होगा।
- नए आपराधिक कानूनों पर आधारित केस स्टडी तैयार की जाएंगी।
- वैज्ञानिक साक्ष्यों और फोरेंसिक तकनीकों की समझ विकसित की जाएगी।
- वास्तविक मामलों के आधार पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।









