RGHS New Rules: सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों और उनसे जुड़े 42 लाख मरीजों के इलाज से संबंधित महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आरजीएचएस में फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने को इलाज कराने वालों का बायोमीट्रिक सत्यापन और मरीज की लाइव फोटो अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही आपको बताते चलें कि फोटो में आई ब्लिंक फीचर शामिल किया है। यह सत्यापन भर्ती होने और डिस्चार्ज, दोनों समय किया जाएगा। ओटी में मरीज और सर्जन की लाइव फोटो भी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। वहीं आरजीएचएस सीईओ, डॉ. निधी पटेल ने बताया कि किसी भी तरह की दिक्कत के समाधान के लिए कमेटी का गठन किया गया है।
RGHS में इलाज के बदले नियम
डिजिटल निगरानी से फर्जीवाड़े पर रोक
फर्जी मरीज, भर्ती दिखाने और नकली दावों को रोकने के लिए अस्पतालों में सीसीटीवी और डिजिटल ट्रैकिंग से मॉनिटरिंग।
खर्ची की सीमा
केवल पैकेज आधारित भुगतान मिलेगा। नॉन-एडमिसिबल खचों की सूची तय।
उपचार के लिए एक नियम
लैब आउटडोर, इनडोर, इमेजिंग और फार्मेसी सेवाओं के लिए अस्पतालों में समान नियम लागू होंगे।
नोडल अधिकारी अनिवार्य
अस्पतालों में हेल्प डेस्क व नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा। सरकारी अस्पतालों को 24 घंटे में टीआईडी जनरेट करना अनिवार्य होगा।
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ऐसे में सरकार का मानना है कि इन बदलावों से स्वास्थ्य योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी, फर्जी क्लेम और अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा तथा वास्तविक लाभार्थियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।








