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डोटासरा साहब को मेरी चिंता करने की जरूरत नहीं है, वो अपना घर देखें और गमछा उछालें, उनके खुद के घर के लोग मेढक की तरह कूदते रहते हैं। राठौर के बयान के बाद अब लोग यह सवाल पूछने में लग गए हैं, कि आखिर ये सब क्या चल रहा है। 

राजस्थान न्यूज: राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी देखने को मिलती रहती है। मानो ये नेता एक दूसरे की कितनी ज्यादा चिंता करते हों। ऐसा ही कुछ एक बार फिर देखने को मिला है। बीते दिन ही गोविंद सिंह डोटासरा और मदन राठौड़ के बीच जबरदस्त बयानबाजी हुई, उसके बाद राठौड़ साहब मीडिया के सामने आकर अजीबोगरीब बातें करने लगे। उन्होंने कहा कि डोटासरा साहब को मेरी चिंता करने की जरूरत नहीं है, वो अपना घर देखें और गमछा उछालें, उनके खुद के घर के लोग मेढक की तरह कूदते रहते हैं। 

मदन राठौड़ के बयान पर मचाया बवाल

अब इसे सुनकर जनता के मन ही मन में यही विचार चल रही होगी कि अगर इन सब से हो गया हो, तो हमारे लिए भी कुछ बात कर लो, खैर गोविंद सिंह डोटासरा राजस्थान में एक अकेले नेता हैं जो भाजपा के नेताओं की बड़ी फिक्र करते हैं। या यूं कहें कि उनकी निजी जिंदगी में दूरबीन लेकर देखते रहते हैं। उनकी इस बात के बाद बयानबाजी का दौरा और ज्यादा बढ़ गया है। एक के बाद एक पलट बार वाले सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। दोनों ने मिलकर राजनीतिक में एक नया भूचाल ला दिया है। किसी बीच मदन राठौड़ ने भी अपना बयान दिया। 

मदन राठौड़ का मिला करारा जवाब

मदन राठौड़ ने अब इसपर करारा जवाब दिया है, उन्होंने कहा कि जिसके घर शीशे के होते हैं वो दूसरों के घरों में पत्थर नहीं मारा करते हैं। ये बयानबाजी कब खत्म होगी ये 3 लोग जानते हैं पहला खुदा, दूसरा मदन राठौड़ साहब और तीसरा डोटासरा साहब अब देखते हैं इसका अंत कब होता है। इस बयान ने लोगों के दिमाग में कई तरह के प्रश्न खड़े कर दिए हैं। राठौर के बाद अब लोग यह सवाल पूछने में लग गए हैं, कि आखिर ये सब क्या चल रहा है। 

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