Aravalli Mountain Village : इन दिनों जहां अरावली देश ही नहीं दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इस पर्वत श्रखंला में एक मनोरम और दर्शनीय स्थल है। इसी की सबसे ऊँची चोटी गुरुशिखर की पहाड़ियों के बीच उतरज गांव बसा है। यह गांव आज भी आधुनिक दुनिया से लगभग कटा हुआ है। 1722 मीटर की ऊँचाई पर स्थित इस गांव तक पहुँचने के लिए न तो सड़क है, न कोई साधन। यहां जाने के लिए उबड़-खाबड़ पगडंडियों और संकरे पहाड़ी रास्तों से होकर करीब पाँच किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है, जहाँ हर कदम पर भालू और तेंदुए का खतरा बना रहता है। बाहर से देखने पर यह इलाका किसी फिल्मी दृश्य जैसा लगता है, लेकिन गांव की हकीकत संघर्ष, अभाव और जोखिम से भरी है।
तेजी से बढ़ रहा है पलायन
उतरज गांव में पहले डेढ़ सौ परिवार रहते थे। लेकिन आधारभूत सुविधाओं की कमी जंगली जानवरों का डर और बेरोजगारी ने यहां के लोगों को तेजी से पलायन करने में मजबूर कर दिया अब यहां महज 40 परिवार ही रहते हैं। यही कारण है कि गांव में खंडहर वाले घर खूब मिलेंगे।
शिक्षा और संचार की भी कमी
यहां एक आठवीं तक स्कूल है। जिन्हें इसके आगे की पढ़ाई करनी है उसे माउंट आबू जाना पड़ता है लेकिन ज्यादातर छात्र आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं। मोबाइल में नेटवर्क बहुत मुश्किल से ऊंचाई वाले स्थानों पर मिल पता है।
परम्परागत खेती है लोगों का मुख्य व्यवसाय
यहां के ज्यादातर लोग खेती पर ही निर्भर हैं। लेकिन यहां खेतों में सिंचाई बिजली या मोटर से नहीं होती बल्कि नाले के पानी में पाइप लगा दिया जाता है। हालांकि कुछ लोग डीजल मोटर का भी प्रयोग करते हैं।
बंद गुफाओं में रखते हैं पालतू पशु
यहां अक्सर जंगली जानवरों का आना-जाना रहा आता है ऐसे में गांव के लोगों को एक गुफा बनाना पड़ा। जहां अपने पालतू पशु जैसे गाय भैंस को बंद कर देते हैं ताकि जंगली जानवर उन पर हमला न कर सकें।
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