Health Care: खाना खाने के बाद ब्लड शुगर का तेजी से बढ़ना और फिर गिरना ब्लड शुगर स्पाइक कहलाता है। ऐसे में बार-बार स्पाइक्स से इंसुलिन रेजिस्टेंस और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। आपको बता दें कि फाइबर बढ़ाकर, चीनी-रिफाइंड कार्ल्स कम करके और नियमित एक्सरसाइज जैसी ये 6 आदतें इसे कंट्रोल किया जा सकता है। ऐसे में आज हम इस लेख में इससे जुड़ी तमाम जानकारी बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
कार्बोहाइड्रेट करें कम
रिसर्च के मुताबिक, कम कार्ब वाली डाइट ब्लड शुगर कंट्रोल और वजन कम करने में मदद कर सकती है। इसलिए मिठाइयां, सफेद ब्रेड, मैदा व रिफाइंड कार्ल्स कम करें।
हर रोज करें एक्सरसाइज
नियमित एक्सरसाइज से इंसुलिन का असर बेहतर होता है और मांसपेशियां ग्लूकोज का आसानी से इस्तेमाल करती हैं। इससे वजन और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने में मदद मिलती है।
वजन कम करें
मोटापे में इंसुलिन का असर कम हो सकता है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ता है। आपको बता दें कि 5-10% वजन कम करने से फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज घट सकता है।
डाइट में फाइबर बढ़ाएं
फाइबर धीरे पचाता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता। रिसर्च के मुताबिक, सोल्युबल फाइबर इसमें मददगार है। है। आपको बता दें कि ओट्स, दाल, नट्स और फल इसके स्रोत हैं।
खाने में ब्रोकली, पालक व नट्स शामिल करें
क्रोमियम और मैग्नीशियम शरीर में इंसुलिन के बेहतर काम करने में मदद कर सकते हैं, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रह सकता है। ब्रोकली, टमाटर और नट्स क्रोमियम के और पालक, बादाम, एवोकाडो व मूंगफली मैग्नीशियम के सबसे अच्छे स्रोत हैं।
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मेथी, दालचीनी और सिरका सुपरफूड
मेथीः मेथी के बीज कार्ल्स के पाचन को धीमा कर ब्लड शुगर बढ़ने से रोकने में मदद करता है।










