Rajasthan Education News: राजस्थान में ठंड की मार बढ़ती जा रही है। जिसको देखते हुए और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई जिलों के स्कूलों में छुट्टी का फैसला लिया गया है। नर्सरी से 5वीं तक के बच्चे फिलहाल घर पर रहेंगे ताकि उनकी सेहत बनी रहे। इसके साथ ही शिक्षा विभाग ने छोटे बच्चों के लिए किताबों का बोझ कम करने और उन्हें खेल-खेल में पढ़ाई करने का नया तरीका अपनाने की योजना बनाई है। इससे बच्चों की पढ़ाई आसान होगी और उनका लर्निंग अनुभव भी बेहतर बनेगा। आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
प्रैक्टिकल लर्निंग को मिलेगा बढ़ावा
बच्चों की प्रैक्टिकल लर्निंग को बढ़ावा देना और उन पर किताबों का बोझ को कम करने को लेकर शिक्षा विभाग चरणबद्ध रूप से योजना बना रहा है। जिसके बारे में प्रमुख शासन सचिव स्कूल कृष्ण कुणाल ने बताया कि हम प्रयास करें कि छोटे बच्चों को ज्यादा से ज्यादा चीजों को कम थकान में सिखा सकें। इसी को ध्यान में रखते हुए यह योजना बनाई गई है।
1 अप्रैल से शुरू होगा सत्र
इस बार राजस्थान शिक्षा विभाग 1 अप्रैल से नया सत्र शुरू करने जा रहा है। तभी से यह नए तरीके का एजुकेशन देना शुरू किया जाएगा इसके शुरुआती चरण में कक्षा 1 से 5 तक के छात्र-छात्राओं को हर 6 महीने में नई किताबें दी जाएगी। यही नहीं इसे और काम करते हुए बाद में हर 3 महीने में नई किताब दी जाएगी। इससे बच्चों के बस्ता का भार तो काम होगा ही साथ ही साथ छोटे बच्चे जो किताबें फाड़ देते हैं तो हर 3 महीने में उन्हें नई किताबें मिलेगी जिससे उनका उत्साह भी बढ़ा रहेगा।
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इसके साथ ही शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार माय करियर एडवाइजर मोबाइल एप भी लॉन्च कर दिया है। जो कि आधुनिक और एआई आधारित है।










