Bharatpur News: सैकड़ो छात्रों की जिंदगी के साथ किस तरीके से खिलवाड़ किया जा रहा है, इसका उदाहरण भरतपुर में देखा जा सकता है। सिर्फ 2 साल पहले ही भरतपुर में 6 करोड़ की भारी रकम से शहिद जीतराम राजकीय महाविद्यालय भवन का निर्माण किया गया, लेकिन सिर्फ 2 साल में ही यह महाविद्यालय जर्जर हो चुका है और वर्तमान में इस महाविद्यालय में 700 से अधिक छात्र पढ़ते हैं, जो कि अपनी जिंदगी को दांव पर लगाकर पढ़ने आते हैं।
महाविद्यालय के पत्र का भी नहीं मिला जवाब
2024 में अल्पसंख्यक विभाग ने किसी अधिकारी को ठेके देकर 6 करोड़ रुपए में यह महाविद्यालय बनाया और सिर्फ दो साल में इसके पिलर ढहने लगे हैं। इसकी टाइल टूट चुकी है और महाविद्यालय का हालत भी जर्जर हो चुका है, लेकिन अभी तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यहां तक कि महाविद्यालय की ओर से पीडब्ल्यूडी को सात बार पत्र लिखे जा चुके हैं कि भवन की स्थिति जर्जर हो चुकी है, इसका कुछ समाधान किया जाए, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने उस पत्र का भी कोई जवाब नहीं दिया है।
एक साल और होने का इंतजार कर रहे ठेकेदार
ऐसे में अगर बिल्डिंग गिरती है और छात्रों की जान जाती है, तो इसके लिए जिम्मेदार आखिर कौन होगा।गौरतलब है कि साल 2024 में इस महाविद्यालय को बिना सुरक्षा प्रमाण पत्र के ही चालू कर दिया गया और वर्तमान में आलम यह है कि यहां ना तो पेयजल के लिए पानी है, ना वाटर कूलर है और जो मैदान है, उसके ऊपर से हाई टेंशन तार गुजर रहा है, जिससे की छात्र मैदान में खेल भी नहीं पा रहे हैं। जो ठेकेदार हैं वह किसी तरह एक साल और होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वह अपना डिपॉजिट राशि करीब 60 लख रुए वापस ले सके।








