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Mercury In Astrology: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में कुछ ऐसे भी ग्रह होते हैं जिन्हें खराब होने से व्यक्ति ज्यादा गुस्सा करने लगता है।

Mercury In Astrology: हम सभी ऐसे लोगों से मिले हैं जो छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा हो जाते हैं या जिनकी बातों से लगता है कि उनका दिमाग बहुत तेज है। क्या आपने ध्यान दिया है कि ऐसे मामलों में बुध की स्थिति बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है?

वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, बुध हमारी सोच, समझ और बातचीत करने की स्किल्स को कंट्रोल करता है। मजबूत बुध इंसान को फैसले लेने में तेज, याददाश्त में तेज और समझदार बनाता है। इसके उलट, कमजोर बुध इंसान को इमोशनली अस्थिर, जल्दी गुस्सा होने वाला और कभी-कभी सही-गलत का फैसला न कर पाने वाला बना सकता है।

इसका असर न सिर्फ प्रोफेशनल और सोशल ज़िंदगी पर पड़ता है, बल्कि पारिवारिक जीवन और बच्चों के भविष्य पर भी पड़ता है। यही वजह है कि ज्योतिष में बुध को इतनी अहमियत दी जाती है। तो, आइए इस आर्टिकल में कमजोर बुध के असर के बारे में जानते हैं।

कमजोर बुध के संकेत और असर

बातचीत में दिक्कतें

जब बुध कमजोर होता है, तो इंसान खुद को ठीक से एक्सप्रेस नहीं कर पाता। वे अक्सर गुस्से में बात करते हैं या छोटी-मोटी बातों पर बहस करने लगते हैं। इसके उलट, मजबूत बुध वाला इंसान अपने इमोशंस को आसानी से कंट्रोल कर सकता है और दूसरों के साथ अच्छे से बातचीत कर सकता है।

याददाश्त और सीखने की क्षमता

बुध का संबंध दिमाग और याददाश्त से भी है। कमजोर बुध वाले इंसान को अक्सर चीजें याद रखने में दिक्कत होती है या वे छोटी-छोटी बातें भूल जाते हैं। दूसरी ओर, मजबूत बुध वाला इंसान नई जानकारी आसानी से सीख सकता है और चीजों को लंबे समय तक याद रख सकता है।

बच्चों और पारिवारिक जीवन पर असर

ज्योतिष में माना जाता है कि कमजोर बुध बच्चों की खुशी में रुकावट डाल सकता है। यह परिवार में आपसी समझ और बच्चों के विकास पर भी असर डालता है। बेटे-बेटियों को यह समझना चाहिए कि परिवार और समाज में हर इंसान की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

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