Water Supply In Alwer: गर्मी आते ही अलवर जिले में पानी की परेशानी फिर से सामने आ जाती है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, वैसे-वैसे लोगों को पीने के पानी के लिए जूझना पड़ता है। कई इलाकों में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि घरों में पानी पहुंचना मुश्किल हो जाता है और लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है।
नलकूप और हैंडपंप सूखने लगे हैं, जिससे पेयजल की कमी बढ़ती जा रही है। हालात बता रहे हैं कि अगर समय रहते पानी बचाने और बेहतर इंतजाम नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में अलवर में जल संकट और ज्यादा गहरा सकता है।
गर्मियों में बढ़ जाती है पानी की किल्लत
राजस्थान में गर्मियों के दिनों में पानी की किल्लत हो जाती है। ऐसे ही अलवर में पानी की किल्लत बढ़ जाती है। पानी की किल्लत के कारण लोग परेशान होते हैं। नेताओं ने भी अपने भाषणों में खूब पानी जिक्र किया लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो सका। अब संशोधित डीपीआर में अलवर को शामिल करने से पानी की कमी काफी हद तक पूरी हो सकेगी।
बनाई जा रही पानी को लेकर योजना
अलवर शहर के पानी की किल्लत को लेकर राजस्थान सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि अलवर के पानी की दिक्कत को खत्म करने की योजना बनाई जा रही है। इस समस्या के लिए चंबल नदी का पानी लाने का प्रयास किया जा रहा है। चंबल योजना के संशोधित डीपीआर में अलवर शहर को शामिल किया गया है। मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि अलवर शहर को प्रतिदिन करीब 50 एम पानी मिलने की योजना बनाई जा रही है।
आंकड़ों से समझिए अलवर में पानी की कितनी किल्लत
बात करें आंकड़ों की तो अलवर शहर में सामान्यतः प्रतिदिन 574 लाख लीटर पानी की आवश्यकता है यही आवश्यकता गर्मी में बढ़कर 614 लाख लीटर के ऊपर पहुंच जाता है। वहीं, अलवर में पानी के सप्लाई की बात करें तो महज 310 लाख लीटर पेयजल की सप्लाई हो पाती है। यानी आंकड़े बताते हैं कि अलवर में करीब 260 से 300 लाख लीटर पानी की कमी है।
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