Tantia University: राजस्थान के श्री गंगानगर जिले में टटिया यूनिवर्सिटी के नाम पर एक फर्जी वेबसाइट बनाकर, छात्रों के साथ धोखाधड़ी करने और फर्जी डिग्रियां जारी करने वाले एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश हुआ है। सदर पुलिस स्टेशन ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पंजाब के मुक्तसर से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।
वेबसाइट्स की स्पेलिंग में मामूली अंतर
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक फर्जी वेबसाइट बनाई थी जो तांतिया यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट से काफी मिलती-जुलती थी। दोनों वेबसाइट्स में सिर्फ स्पेलिंग का मामूली अंतर था, जिससे छात्र आसानी से भ्रमित हो जाते थे। इस फर्जी वेबसाइट पर एंट्रेंस एग्जाम, एडमिट कार्ड, एग्जाम रिजल्ट, मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और डिग्रियों से संबंधित गुमराह करने वाली जानकारी पोस्ट की जा रही थी। आरोपी ऑनलाइन वेरिफिकेशन का वादा करके छात्रों से फीस वसूल रहा था।
फर्जी डिग्रियां और सर्टिफिकेट बनाए जा रहे थे
इस पूरे मामले में, तांतिया यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट के विनोद शर्मा ने पिछले साल (2025) श्री गंगानगर के सदर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया था। शिकायत में कहा गया था कि फर्जी वेबसाइट के जरिए न सिर्फ फर्जी डिग्रियां और सर्टिफिकेट बनाए जा रहे थे, बल्कि गुमराह करने वाला कंटेंट भी फैलाया जा रहा था। इससे छात्रों को आर्थिक और शैक्षणिक नुकसान हो रहा था, और यूनिवर्सिटी की छवि और विश्वसनीयता को भी गंभीर नुकसान पहुँच रहा था।
आरोपी के पास अन्य यूनिवर्सिटीज से संबंधित डेटा भी मिला
सीओ सिटी विशाल जांगिड़ आईपीएस ने बताया कि शिकायत के आधार पर एक टेक्निकल जांच शुरू की गई, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सरबजीत सिंह उर्फ जॉनी, निवासी मुक्तसर साहिब (पंजाब) के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी लंबे समय से यह फर्जी वेबसाइट चला रहा था और उसके पास अन्य यूनिवर्सिटीज से संबंधित डेटा भी था।
पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह हो सकता है, जिसमें और भी लोग शामिल हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा और रिमांड पर लिया जाएगा ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके और धोखाधड़ी में शामिल अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके।
यह भी पढ़ें- Rajasthan Cabinet Meeting: भजनलाल कैबिनेट के बड़े फैसले, राजस्थान में इन लोगों को मिलेगी 100 प्रतिशत बिजली पर छूट






