Raksha Bandhan Alert: रक्षाबंधन के दौरान ऑनलाइन राखी, मिठाई, कपड़े और गिफ्ट की खरीदारी बढ़ जाती है। वहीं, इसी बढ़ती ऑनलाइन गतिविधि का फायदा साइबर ठग भी उठाते हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर भारी डिस्काउंट, मुफ्त डिलीवरी, कुछ घंटों में राखी पहुंचाने या विशेष फेस्टिव ऑफर के नाम पर फर्जी वेबसाइट और लिंक प्रसारित हो रहे हैं। ग्राहक को सामान्य ई-कॉमर्स साइट जैसा पेज दिखाकर भुगतान कराया जाता है और बाद में न सामान मिलता है, न रिफंड। कुछ मामलों में फर्जी वेबसाइट या लिंक के जरिए कार्ड, बैंकिंग या अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश भी होती है। ऐसे में आपको बता दें कि इन दिनों आपको कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी तमाम जानकारी।
भारी डिस्काउंट दिखे तो पहले वेबसाइट जांचें
ठगी का पहला तरीका अक्सर आकर्षक ऑफर होता है। सोशल मीडिया पर '80 प्रतिशत तक छूट', 'आज ही ऑर्डर करें', 'फ्री राखी डिलीवरी' या सीमित समय के ऑफर का विज्ञापन दिखाई दे सकता है। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद ग्राहक को ऐसी वेबसाइट पर ले जाया जाता है, जिसका नाम और डिजाइन किसी प्रसिद्ध शॉपिंग प्लेटफॉर्म जैसा लग सकता है। 14C की सलाह है कि ऑनलाइन खरीदारी के लिए परिचित और विश्वसनीय वेबसाइट का इस्तेमाल करें।
लिंक से नहीं, आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से खरीदें
एसएमएस, व्हाट्सएप, ई-मेल या सोशल मीडिया पर आया कोई लिंक अगर सीधे भुगतान पेज पर ले जाता है, तो सावधानी जरूरी है। वेबसाइट का यूआरएल ध्यान से देखें। नाम की स्पेलिंग, डोमेन और वेबसाइट की जानकारी में मामूली बदलाव भी फर्जी साइट का संकेत हो सकता है। आरबीआई सलाह देता है कि बैंक या सेवा प्रदाता की वेबसाइट पर जाने के लिए संदिग्ध लिंक का इस्तेमाल न करें और वित्तीय जानकारी दर्ज करने से पहले वेबसाइट की प्रामाणिकता जांचें। ऑनलाइन खरीदारी के लिए वेबसाइट का पता स्वयं टाइप करना या आधिकारिक ऐप खोलना अधिक सुरक्षित तरीका है।
साइबर फ्रॉड हो जाए तो तुरंत कार्रवाई करें
ठगी का पता चलते ही देर न करें। साइबर फ्रॉड की तत्काल सूचना के लिए 1930 पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। पोर्टल पर संदिग्ध वेबसाइट यूआरएल, फोन नंबर, व्हाट्सएप/टेलीग्राम हैंडल और अन्य संदिग्ध पहचानकर्ताओं की रिपोर्ट करने की सुविधा भी उपलब्ध है। वहीं, ऑफर पर नहीं, स्त्रोत पर भरोसा करें। लिंक पर नहीं, आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाएं। भुगतान से पहले ओटीपी, पिन, सीवीवी या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।







