Rajasthan News: राजस्थान के डीडवाना जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। दौलतपुरा गांव में 12 राष्ट्रीय पक्षी, मोरों के शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इतनी बड़ी संख्या में मोरों की मौत की खबर से वन्यजीव प्रेमियों को झटका लगा है।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की रेंजर ममता अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं। विभाग ने सभी मृत मोरों को अपने कब्ज़े में ले लिया और तुरंत मेडिकल टीम को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने सभी 12 मोरों का पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया है।
मौत के कारण पर सस्पेंस
फिलहाल, मोरों की मौत का सही कारण पता नहीं चला है, लेकिन इलाके में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों को शक है कि किसी ने जानबूझकर मोरों को जहर वाला अनाज खिलाया है। शिकार की साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, वन विभाग किसी अनजान बीमारी फैलने की संभावना पर भी विचार कर रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
रेंजर ममता ने कहा, "दौलतपुरा के पास 12 मोर मृत पाए गए हैं। हमने पोस्टमार्टम करवाया है, और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता चलेगा। वन विभाग ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि अगर उन्हें कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत इसकी सूचना दें।
जेल और जुर्माने का प्रावधान
चूंकि मोर राष्ट्रीय पक्षी है, इसलिए इसे 'वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972' की अनुसूची-I में सूचीबद्ध किया गया है। इसका मतलब है कि मोरों को नुकसान पहुंचाना 3 से 7 साल की जेल और भारी जुर्माने से दंडनीय है। अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होती है, तो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।







