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Medical Negligence: राजस्थान में स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं जीवन रक्षक फ्लूइड चढ़ते ही मरीज बीमार पड़ गए।

Medical Negligence: राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जेके लोन अस्पताल में संदिग्ध दवाओं से प्रसूताओं की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि सुल्तानपुर सीएचसी में कई मरीजों की तबीयत बिगड़ गई।
आपको बता दें कि 2 दिन से भर्ती कई मरीजों को जीवन रक्षक आईवी फ्लूइड चढ़ाते ही तबीयत बिगड़ गई। वहीं कुछ मरीजों को जयपुर रेफर किया गया है। चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जगदीश सोनी को सूचना दी। संयुक्त निदेशक डॉ. सोनी ने की सूचना पर 3 तरह के आईवी फ्लूइड के विशिष्ट बैच के इस्तेमाल और सप्लाई पर रोक लगा दी है।

जानें किनकी सप्लाई पर लगी रोक 
RL (कंपाउंड सोडियम लैक्टेट इंजेक्शन 500ml): बैच नंबर 2514017233 
DNS (सोडियम क्लोराइड और डेक्सट्रोज 500ml): बैच नंबर S5BY95 
NS (सोडियम क्लोराइड 0.9% - 500ml): बैच नंबर S1BY 179

 मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े
ऐसे  में चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जगदीश सोनी का कहना है कि मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद सभी तीन तरह के फ्लूइड की सप्लाई रुकवा दी है। बची हुई दवा को भी सील किया गया है। साथ ही दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे, ताकि मरीजों की तबीयत बिगड़ने के कारणों का पता लगाया जा सके। वहीं लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने सरकारी अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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