Rajasthan Cancer News: राज्य में कैंसर के प्रति लोगों में फैले डर और जागरूकता की कमी को दूर करने के लिए एक नई पहल शुरू की जा रही है। इसके तहत प्रदेशभर में 10 हजार कैंसर सर्वाइवर को कैंसर जागरूकता एंबेसेडर बनाया जाएगा। स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट को नोडल एजेंसी बनाया गया है। अगले छह महीने में सर्वाइवर का डेटा बैंक तैयार होगा और शहरों से गांव-ढाणियों तक क्षेत्रवार समूह बनाए जाएंगे। इंस्टीट्यूट के सुपरिंटेंडेंट डॉ. संदीप जसूजा ने बताया कि सर्वाइवर अपने अनुभव साझा कर मरीजों की काउंसलिंग करेंगे। वे बीमारी इलाज खान-पान और मानसिक मजबूती को लेकर मार्गदर्शन देने के साथ इलाज की प्रक्रिया में भी मदद करेंगे।
कैंसर की श्रेणी, आयु वर्ग और महिला-पुरुष के आधार पर अलग-अलग वॉट्सएप ग्रुप बनाए जाएंगे। इसमें किसी मरीज की सूचना डालते ही वह अस्पताल के लिए प्राथमिकता वाला मरीज बन जाएगा, ताकि इलाज के लिए भटकना न पड़े। जरूरत होने पर सर्वाइवर अपनी आईडी से मरीज को जयपुर रैफर कर सकेगा। कैंसर इंस्टीट्यूट में इसके लिए अलग विंडो भी बनाई गई है।
प्रदेश में हर साल सामने आते हैं। 70% मरीज तीसरी या चौथी स्टेज के अस्पताल पहुंचते हैं। जयपुर में कैंसर दर 332, अजमेर में 256, झुंझुनूं में 235 और दौसा में 225 मरीज प्रति लाख बताई गई है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोगों में समय रहते जागरूकता बढ़े और शुरुआती चरण में जांच व इलाज शुरू हो जाए तो कैंसर से होने वाली मौतों में कमी लाई जा सकती है। ऐसे में कैंसर सर्वाइवर को एंबेसेडर बनाने की यह पहल मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण साबित हो सकती है।








