Injury Treatment: घर में चाकू से उंगली कटना, गर्म बर्तन से हाथ जलना, खेलते समय मोच आना या गिरने पर चोट लगना बहुत ही आम बातें हैं। ऐसे में अक्सर लोग घबरा जाते हैं, लेकिन अगर सही प्राथमिक चिकित्सा दी जाए तो चोट को गंभीर होने से रोका जा सकता है। लेकिन इसके साथ ही यह समझना जरूरी है कि कब घर पर मरहम-पट्टी काम आ सकती है और कब डॉक्टर की मदद लेना जरूरी हो जाता है। तो चलिए जानते हैं इस बारे में।
तेल या भाप से जलने पर
गर्म तेल, बर्तन या भाप से जलने पर तुरंत सामान्य पानी से धोएं। बर्फ का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। एलोवेरा या कूलिंग जेल लगाकर ढीली पट्टी बांधें। वहीं हाथ और प्राइवेट पार्ट पर फफोले होने पर तुरंत अस्पताल जाएं। ये सावधानी बच्चों में ज्यादा जरूरी है।
सिर में चोट या बम्प
अलमारी या दीवार से सिर टकराने पर अगर बेहोशी, चक्कर या धुधंला न दिखें, तो आराम करें और आईस पेक लगाएं।
कट लगना
रसोई में कट लगना बेहद आम है। एमोरी यूनिवर्सिटी में प्रो. लक्ष्मी कुमार के अनुसार, चोट लगते ही साफ कपड़े से 5 मिनट तक दबाकर रखें। बाद में घाव को पानी से धोकर एंटीबायोटिक लगाएं। वहीं गहरा कट, खून न रुकना, कांच फंसा होना या जानवर के काटने पर डॉक्टर को दिखाएं।
कीड़े का काटना, रैशेज
मधुमक्खी, मच्छर या जहरीले पौधों से एलर्जी होने पर जगह को साबुन-पानी से धोएं और खुजली रोकने वाली दवा लगाएं। अगर काटने के बाद सांस लेने में दिक्कत, चेहरेपर सूजन या उल्टी शुरू हो, तो बिना देर किए अस्पताल पहुंचें।










