Rajasthan Farmer News: रबी फसलों की बुवाई से पहले राजस्थान में खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर सरकार ने निगरानी बढ़ा दी है। प्रदेश में फिलहाल 3.72 लाख मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं, खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी और दूसरे राज्यों में अवैध रूप से भेजने के मामलों में अब तक 24 एफआईआर दर्ज की गई हैं। कार्रवाई के दौरान 118 खाद लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए गए हैं।
कृषि विभाग के अनुसार, खाद बिक्री करने वाले 12,362 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इनमें 115 लाइसेंस निलंबित और तीन लाइसेंस निरस्त किए गए। खाद के अवैध डायवर्जन के मामलों में 1,223 बैग जब्त किए गए हैं। इसके अलावा गुणवत्ता नियंत्रण अभियान के तहत यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी समेत विभिन्न उर्वरकों के 8,533 बैग जब्त किए गए हैं।
कृषि विभाग की ओर से 10 सितंबर से 15 अक्टूबर तक विशेष गुणवत्ता नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत खाद बिक्री केंद्रों का निरीक्षण, सैंपलिंग, जब्ती और खाद के डायवर्जन की जांच की जा रही है। जिन जिलों और ब्लॉकों में खाद की उपलब्धता कम और खपत अधिक है, वहां मांग के अनुसार प्राथमिकता से आपूर्ति की जा रही है।
अक्टूबर के लिए केंद्र सरकार ने राजस्थान को 4.60 लाख टन यूरिया आवंटित किया है। एक अक्टूबर के उपलब्ध स्टॉक को शामिल करने के बाद राज्य अब तक 4.33 लाख टन यूरिया की व्यवस्था कर चुका है। वहीं, अक्टूबर के लिए 2.004 लाख टन डीएपी आवंटित हुआ है, जिसमें से अब तक 1.41 लाख टन की व्यवस्था की जा चुकी है।
राज्य में फिलहाल 1.06 लाख टन डीएपी, 97 हजार टन एनपीके और 2.08 लाख टन एसएसपी उपलब्ध है। खाद वितरण की निगरानी के लिए बिक्री केंद्रों पर अधिकारियों की तैनाती की गई है। अधिक भीड़ वाले केंद्रों पर अधिकारियों की मौजूदगी में कतार लगाकर खाद का वितरण कराया जा रहा है।
सीमावर्ती जिलों में अवैध डायवर्जन रोकने के लिए 61 चेक पोस्ट बनाए गए हैं। सभी जिलों में कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं, जहां खाद की उपलब्धता, वितरण, आपूर्ति और कालाबाजारी पर नजर रखी जा रही है।







