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Drip Irrigation System : किसान अब सूक्ष्म प्रणाली सिंचाई को अपना रहें है। कई गांवों में किसान ड्रिप और स्प्रिंकलर तकनीक अपनाकर कम पानी में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।

Drip Irrigation System : भीलवाड़ा जिले में लगातार बढ़ती गर्मी और पानी की कमी के बीच किसानों के सामने सिंचाई की बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में अब किसान पारंपरिक सिंचाई छोड़कर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। ड्रिप और स्प्रिंकलर तकनीक के माध्यम से कम पानी में बेहतर खेती संभव हो रही है। कृषि विभाग की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम और सरकारी सब्सिडी ने भी इस बदलाव को और तेज कर दिया है। यह तकनीक न केवल पानी की बचत कर रही है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी मददगार साबित हो रही है।

सूक्ष्म सिंचाई की ओर बढ़ रहा रुझान

किसान अब सूक्ष्म प्रणाली सिंचाई को अपना रहें है। कई गांवों में किसान ड्रिप और स्प्रिंकलर तकनीक अपनाकर कम पानी में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर राजस्थान द्वारा किसानों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। शिविर और प्रशिक्षण कार्यक्रम को चलाया जा रहा है। जिससे कि किसानों को आधुनिक सिंचाई करने की तकनीक पता चलेगी।

ड्रिप और स्प्रिंकलर से हो रही पानी की बचत

इस ड्रिपिंग तकनीक से पानी को सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचाया जाता है। जिससे पानी की बर्बादी नहीं हो पाती। वही स्प्रिंकल सिस्टम से फसल सुधार में होता है। वहीं राज्य और प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना के तहत किसानों को यह सिस्टम लगाने के लिए 50 से 70% का अनुदान राशि मिल रहा है। छोटे और सीमांत किसान इस तकनीक को अपना रहे हैं।

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