Jaipur Security: भीषण अग्निकांड, बम ब्लास्ट, गैस सिलेंडर फटने या फैक्ट्रियों में आग जैसी घटनाओं की जांच अब और तेज हो सकेगी। गृह मंत्रालय ने नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) गुजरात को एक्सप्लोसिव सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने की मंजूरी दे दी है। आपको बता दें कि NFSU प्रशासन ने देश के अपने सभी सेंटरों के ऑडिट के बाद अपना पहला सेंटर जयपुर में खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं जयपुर कैंपस में ये सेंटर 6 महीने में तैयार होगा।
राजस्थान में फोरेंसिक जांच को मिलेगी रफ्तार
NFSU राजस्थान के हेड प्रो. शंकर जुनारे ने दिए एक इंटरव्यू में बताया कि गृह मंत्रालय की अनुमति के बाद हमारी एक्सपर्ट यूनिट ने देश के सभी कैंपस का साइंटिफिक ऑडिट किया है। विभिन्न पैरामीटर्स के बाद जयपुर सबसे उपयुक्त मिला। यहां लैब स्थापना के साथ फील्ड टेस्टिंग के लिए अनुकूल माहौल है। यह सेंटर राज्य सरकार की ओर से कोचिंग हब कैंपस में मिलने वाले दो अतिरिक्त टॉवर में स्थापित किया जाएगा। इन टॉवर के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। एक्सप्लोसिव सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ATS, NSG, SDRF और बम निरोधक दस्ते की स्पेशल ट्रेनिंग भी होगी।
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बता दें कि पाकिस्तान की लंबी सीमा राजस्थान से लगती है। जयपुर सिक्योरिटी के लिहाज से बड़ा सेंटर है। 2008 के ब्लास्ट से लेकर जोधपुर, अजमेर की केमिकल फैक्ट्री में अग्निकांड तक हर केस में एक्सप्लोसिव सैंपल की रिपोर्ट में लंबा वक्त लगता है। इस दौरान सबूत भी कमजोर हो जाते हैं। वहीं अब 48 घंटे में रिपोर्ट मिलेगी। प्रो. शंकर जुनारे का कहना है कि पहला चरण पूरा होने के बाद देश-दुनिया के एक्सपर्ट के साथ इसे और विस्तृत रूप दिया जाएगा।








