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Cognivera Polo Cup 2026: राजस्थान की राजधानी जयपुर में 26 जनवरी को कॉग्निवेरा पोलो कप 2026 का ग्रैंड लॉन्च होने वाला है। आपको बता दें कि इसका मकसद जयपुर में इंटरनेशनल लेवल के पोलो को एक नई पहचान मिल सके।

Cognivera Polo Cup 2026: कॉग्निवेरा पोलो कप 2026 का ग्रैंड लॉन्च 26 जनवरी को होने वाला है, जिसका मकसद जयपुर में इंटरनेशनल लेवल के पोलो को एक नई पहचान देना है। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को लेकर शहर में काफी उत्साह का माहौल है। रविवार को जयपुर के राजस्थान पोलो क्लब में पोलो कप की ट्रॉफी का औपचारिक रूप से अनावरण किया गया, जिसने काफी ध्यान खींचा। लगभग 7.1 फीट ऊंची इस ट्रॉफी को दुनिया की सबसे बड़ी पोलो ट्रॉफी बताया जा रहा है।

8-गोल इंटरनेशनल पोलो टूर्नामेंट है कॉग्निवेरा पोलो कप 2026

कॉग्निवेरा पोलो कप 2026 एक 8-गोल इंटरनेशनल पोलो टूर्नामेंट है जो 26 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक जयपुर के राजस्थान पोलो ग्राउंड में होगा। इस प्रतियोगिता में भारत और कई अन्य देशों की टॉप पोलो टीमें हिस्सा लेंगी। टूर्नामेंट में अनुभवी खिलाड़ी और बेहतरीन नस्ल के भारतीय और विदेशी घोड़े होंगे, जिससे मैच और भी रोमांचक बनेंगे।

कॉग्निवेरा आईटी सॉल्यूशंस और राजस्थान पोलो क्लब

इस इवेंट का आयोजन कॉग्निवेरा आईटी सॉल्यूशंस और राजस्थान पोलो क्लब के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। जयपुर शाही परिवार के पूर्व सदस्य और भारतीय पोलो टीम के कप्तान सवाई पद्मनाभ सिंह की ट्रॉफी अनावरण समारोह में मौजूदगी ने इस कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ा दी। इस मौके पर कई पोलो प्रेमी और खेल जगत के लोग भी मौजूद थे।

65 किलोग्राम वजनी है विशाल ट्रॉफी

लगभग 65 किलोग्राम वजनी यह विशाल ट्रॉफी न सिर्फ आकार में बड़ी है, बल्कि इसका डिज़ाइन भी अनोखा है। इसे बनाने में लगभग दो महीने लगे, जिसमें 10 कारीगरों ने इसे बनाने के लिए लगभग 10 घंटे प्रतिदिन काम किया। यह ट्रॉफी सफेद धातु की सिल्वर-प्लेटेड शीट से बनी है, जिसके निर्माण में 48 इंच की शीट कटिंग का इस्तेमाल किया गया है। इसका डिज़ाइन 24 इंच के आयामों के साथ बनाया गया था।

सबसे बड़ी पोलो ट्रॉफी

कॉग्निवेरा के एमडी और सीईओ कमलेश शर्मा ने कहा कि वह लगभग एक साल से पोलो से जुड़े हुए हैं, लेकिन इस खेल के प्रति उनका जुनून बहुत बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा पोलो के लिए कुछ नया करना चाहते हैं, और इसी सोच के साथ दुनिया की सबसे बड़ी पोलो ट्रॉफी बनाने का फैसला किया गया। ट्रॉफी की सुंदरता बनी रहे, इसके लिए इसे एक खास पॉलिश दी गई है जो कम से कम सात साल तक इसकी चमक बनाए रखेगी।

सबसे बड़ी पोलो ट्रॉफी बनाने में लगेंगे 10 लाख

इस ट्रॉफी को बनाने में लगभग ₹10 लाख का खर्च आया। पहले, दुनिया की सबसे बड़ी पोलो ट्रॉफी का रिकॉर्ड चेन्नई के कोलंका कप के नाम था, जिसकी ऊंचाई लगभग 6 फीट थी। कॉग्नीवेरा पोलो कप ट्रॉफी ने उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। आयोजकों के अनुसार, टूर्नामेंट में 8 से 9 टीमों के हिस्सा लेने की उम्मीद है, और मैच काफी रोमांचक होने की उम्मीद है।

भारत में भी पोलो के इतिहास

कॉग्नीवेरा पोलो कप 2026 न सिर्फ जयपुर बल्कि भारत में भी पोलो के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला है। दुनिया की सबसे बड़ी पोलो ट्रॉफी के लिए यह मुकाबला खेल प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव होने का वादा करता है।

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