rajasthanone Logo
First Gastric Transection In India: अजमेर में पहली ‘गैस्ट्रिक ट्रांजैक्शन’ सर्जरी की गई है। पत्थरों से भरी ट्रॉली पलटने से युवक का पेट दो हिस्सों में फट गया था। ऐसे में जेएलएन हॉस्पिटल में दुर्लभ ‘गैस्ट्रिक ट्रांजैक्शन’ सर्जरी कर युवक की जान बचाई गई।

First Gastric Transection In India: अजमेर में एक युवक पर पत्थरों से भरी ट्राली पलट गई। जिसमें उसका पेट दो हिस्सों में फट गया था। आंत समेत पेट के अंदर के अंग बाहर आ गए थे। आपको बता दें कि तिल्ली और किडनी में काफी गंभीर चोटें आई थीं। हिप की हड्डी और 8 पसलियां भी बुरी तरीके से टूट गई थी। ऐसे में जेएलएन हॉस्पिटल के डॉक्टर ने अत्यंत जटिल और दुर्लभ ऑपरेशन गैस्ट्रिक ट्रांजैक्शन करके मरीज की जान बचाई है।

यह वर्ल्ड का छठा और देश का पहला रिपोर्टेड केस

अस्पताल की लेप्रोस्कोपिक यूनिट के हेड डॉक्टर अनिल शर्मा का दावा है कि अब तक दुनिया में ऐसी केवल पांच ही सर्जरी हुई है। अजमेर में यह सक्सेसफुल ऑपरेशन किया गया है। यह मामला वर्ल्ड का छठा और देश का पहला रिपोर्टेड केस है। आपको बताते चलें कि यह घटना 11 फरवरी की किशनगढ़ की है। वहीं शनिवार को मरीज को छुट्टी दे दी गई है। इसी के साथ डॉक्टर ने बताया कि 11 फरवरी को किशनगढ़ की एक मार्बल फैक्ट्री में नुरसेद उम्र 29 साल कम कर रहा था। जहां पत्थरों से भरी ट्राली उस पर पलट गई। जिसमें युवक का पेट दो हिस्सों में फट गया था और अंदर के अंग बाहर आ गए थे।

यह भी पढ़ें- Bharatpur Chalan: भरतपुर ने सबसे ज्यादा चालान का रिकॉर्ड बनाया, जयपुर को भी छोड़ा पीछे, किया जाएगा पुरस्कृत

ऑपरेशन करने के लिए 3 घंटे का समय लगा

मरीज को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। वहीं मरीज को ऑपरेशन करने के लिए 3 घंटे का समय लगा। सर्जरी के दौरान युवक के पेट में खून भरा हुआ थाष अमाशय आगे से पीछे तक गोलाई में पूरी तरह फटा था। उसे बारीकी से जोड़कर छोटी आंत में न्यूट्रिशन ट्यूब डाली गई। इसके साथ उन्होंने बताया कि गोल्डन आवर में ट्रॉमा केयर मिलने से युवक की जान बच सकी। किसी भी हादसे में गैस्ट्रिक ट्रांजैक्शन होना बहुत ही मुश्किल है। आमतौर पर इस तरह के हादसे में व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो जाती है।

5379487