Ration System News: अजमेर जिले में राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के 728 राशन डीलर अब करीब 12 लाख 6 हजार 33 उपभोक्ताओं को हर महीने वितरित होने वाली 57 हजार क्विंटल खाद्य सामग्री में किसी भी तरह की हेरफेर नहीं कर सकेंगे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को कम तौलकर राशन देना लगभग असंभव हो जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शिकायतों के बाद राज्य सरकार ने सभी राशन दुकानों की पॉस मशीन में नया सॉफ्टवेयर अपडेट किया है, जिसे ई-पॉस एप नाम दिया गया है। यह सिस्टम मशीन-टू-मशीन (एम2एम) कनेक्टिविटी और वेट-इंटीग्रेशन तकनीक पर आधारित है। इसके साथ ही आपको बताते चलें कि अब इलेक्ट्रॉनिक कांटे और पॉस मशीन सीधे जुड़े रहेंगे। डीलर जितना राशन तौलेगा, उतना ही वजन पॉस मशीन में दर्ज होगा और उसी आधार पर रसीद निकलेगी। वहीं कम वजन होने पर ट्रांजेक्शन स्वीकार नहीं होगी।
नए सिस्टम से खत्म होगी गड़बड़ी
आपको बताते चलें कि अब तक डीलर कांटे पर अलग तौल कर पॉस मशीन में मैन्युअल एंट्री अलग कर देते थे, जिससे उपभोक्ताओं को कम राशन मिलता था। नई व्यवस्था से यह गड़बड़ी खत्म होगी। जिले में किस डीलर ने किस दिन किस उपभोक्ता को कितना राशन दिया, इसका रियल-टाइम डेटा स्टेट पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा। नई प्रणाली के बाद रजिस्टर जांच की जरूरत भी नहीं रहेगी। अधिकारी डैशबोर्ड पर स्टॉक और वितरण की पूरी जानकारी देख सकेंगे। स्टॉक और वितरण में अंतर होने पर सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करेगा।
पोर्टल पर हर डीलर की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी
पोस मशीन को इलेक्ट्रॉनिक कांटे के सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया है। अब राशन डीलर जितनी खाद्य सामग्री उपभोक्ता को तौलकर देगा उतना ही वजन पॉस मशीन में दिखाई देगा। स्टेट पोर्टल पर हर डीलर की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। अब लाभार्थियों को कम तौलकर नहीं दिया जा सकेगा। जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) के मुताबिक, अब राशन तौलते समय उसका वजन सीधे पॉस मशीन में दिखाई देगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों को पूरा हक मिल सकेगा। नई तकनीक लागू होने के बाद राशन वितरण में गड़बड़ी की संभावनाएं लगभग खत्म हो जाएंगी।







