Eye Treatment News: अजमेर जेएलएन अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में अब आंखों की जांच और ऑपरेशन ज्यादा सटीक और तेज हो सकेंगे। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को 2.10 करोड़ रुपए लागत की अत्याधुनिक मशीनें मरीजों के लिए समर्पित कीं। इनमें 50 लाख रुपए की ग्रीन लेजर मशीन, 40 लाख की ओसीटी रेटिना मशीन, 50 लाख की फेको मशीन, 25 लाख का ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप, 50 लाख का फील्ड एनालाइजर और 5 लाख की वीईपी मशीन शामिल हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देवनानी ने कहा कि नई मशीनों से नेत्र रोगों की जांच और उपचार अधिक सटीक, त्वरित और प्रभावी होगा। उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों से मरीजों को सर्वोपरि मानकर सेवा देने की अपील की है।
बिना चीर-फाड़ और बिना दर्द के हो सकेगी जांच
ओसीटी (ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी) मशीन से आंखों की पर्दे की जांच बिना चीर-फाड़ और बिना दर्द के हो सकेगी। वहींपूरी जांच 2 से 3 मिनट में पूरी होगी। इससे ग्लूकोमा, डायबिटीज से रेटिना पर असर, सूजन और नसों की शुरुआती खराबी जल्दी पकड़ में आ सकेगी। नई फेको मशीन से मोतियाबिंद का ऑपरेशन छोटे चीरे के जरिए किया जाएगा। अल्ट्रासाउंड तकनीक से धुंधले लेंस को हटाकर कृत्रिम लेंस लगाया जाएगा। यह प्रक्रिया लगभग 10 से 15 मिनट में पूरी होगी और मरीज को कम दर्द होगा। मिली जानकारी के मुताबिक ग्रीन लेजर फोटोकॉग्यूलेशन मशीन डायबिटिक रेटिनोपैथी और रेटिना की क्षतिग्रस्त रक्त वाहिकाओं के इलाज में उपयोग होगी।
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फील्ड एनालाइजर मशीन आंखों की साइड विजन की जांच करेगी
ग्लूकोमा, नसों की बीमारी की जल्द पहचान फील्ड एनालाइजर मशीन आंखों की साइड विजन की जांच करेगी। इससे ग्लूकोमा का शुरुआती नुकसान पकड़ा जा सकेगा। वहीं वीईपी मशीन आंखों से मस्तिष्क तक जाने वाली ऑप्टिक नसों की कार्यक्षमता जांचेगी। इससे नसों में सूजन, ट्यूमर और दबाव जैसी समस्याओं की पहचान हो सकेगी।









