Rajasthan Government: राजस्थान सरकार द्वारा राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल की गई है। राज्य सरकार की नई पॉलिसी के तहत आने वाले 5 सालों में राज्य के सभी सरकारी विभागों में एआई तकनीकी लागू कर दी जाएगी। इससे शिक्षा पॉलिसी स्वास्थ्य आपदा प्रबंधन ट्रैफिक और प्रशासनिक कार्य में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। आपको बता दें कि हर विभाग में एआई नोडल ऑफिसर की नियुक्ति की जाएगी। फिलहाल अभी इस पॉलिसी के तहत क्या-क्या बदलाव होंगे यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
एसआईएस एंड रिमोट सेंसिंग लैब बनेगी
पॉलिसी के तहत आपदा प्रबंधन विभाग में जीएसआईएस एंड रिमोट सेंसिंग लैब बनेगी और आई तकनीक बेस्ड 250 ड्रोन खरीदे जाएंगे। इससे बाढ़ या और भी आपदा में होने वाले नुकसान का जायजा लेकर तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया जा सकेगा। इसके अलावा शिक्षा, चिकित्सा, कृषि टूरिज्म, टूरिज्म विभाग नियमों को भी आई तकनीक से लैस किया जाएगा। राज्य सरकार को प्रदेश के एआई रेडी स्टेट के रूप में प्रदेश को विकसित करने के लिए पॉलिसी लागू की जा रही है।
यह भी पढ़ें- Jaipur News : जयपुर में आपात हालात में भी पुलिस से संपर्क मुश्किल, थानों के बंद फोन बने बड़ी समस्या
छात्रों की क्षमता के मुताबिक पढ़ाई करवाई जाएगी
आपको बताते चलें कि राजस्थान के स्कूल और कॉलेज में भी एआई पर्सनलाइज्ड लर्निंग सिस्टम शुरू होगा, जो छात्रों की क्षमता के मुताबिक पढ़ाई करवाइएगा। इसके साथ समय-समय पर टीचर्स को एआई टेक्निकल ट्रेनिंग देगा। वहीं आई ड्राइव स्किल एसेसमेंट एंड सर्टिफिकेशन कोर्स भी करवाए जाएंगेस्वास्थ्य सेवाओं में भी एआई अहम भूमिका निभाएगा। मरीजों का डिजिटल डेटा, बेहतर डायग्नोसिस, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी और टेस्ट रिपोर्ट्स की जांच में एआई का उपयोग किया जाएगा। ऐसे में माना जा रहा रहे कि आने वाले वर्षों में एआई प्रदेश के विकास की रीढ़ बनने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।







