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Rajasthan Farmer News: ओलावृष्टि से नुकसान के बाद सरकार द्वारा बड़ा फैसला लिया गया है। जिससे किसानों को काफी राहत मिली है। गेंहू में चमक की कमी, हल्के दाने या बारिश से प्रभावित गुणवत्ता को अब पूरी तरह रिजेक्ट नहीं किया जा रहा, बल्कि निर्धारित सीमा के भीतर उसे स्वीकार किया जा रहा है।

Rajasthan Farmer News: कोटा सहित हाड़ौती क्षेत्र के किसानों के लिए इस बार बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि बड़ी परेशानी बनकर सामने आई। बारिश के कारण गेहूं की फसल में नमी बढ़ गई और दानों का रंग भी प्रभावित हुआ, जिससे बड़ी मात्रा में उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर रिजेक्ट की जा रही थी। इस स्थिति ने किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता में डाल दिया था।

किसानों को बड़ी मिली राहत 

ऐसे में सरकार द्वारा गेहूं खरीद मानकों में राहत देने के आदेशों के बाद किसानों को बड़ी राहत मिली है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहले जिन ट्रॉलियों को गुणवत्ता के आधार पर वापस लौटा दिया गया था। वहीं गेहूं अब दोबारा खरीद केंद्रों पर तुलाई के लिए पहुंच रहा है। इस बदलाव के पीछे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के हस्तक्षेप को अहम माना जा रहा है।

नई गाइडलाइन के तहत गेहूं में चमक की कमी, हल्के दाने या बारिश से प्रभावित गुणवत्ता को अब पूरी तरह रिजेक्ट नहीं किया जा रहा, बल्कि निर्धारित सीमा के भीतर उसे स्वीकार किया जा रहा है। इससे किसानों को अपनी मेहनत की फसल का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद जगी है।

इसी बीच किसान गौरीशंकर ने बताया कि पहले मंडियों में उनका गेहूं हटा दिया जाता था, क्योंकि दाने सफेद पड़ गए थे। अब नई व्यवस्था के बाद उसी गेहूं की तुलाई हो रही है, जिससे उन्हें काफी राहत मिली है। अन्य किसानों का भी कहना है कि पहले खराब और सही गेहूं को अलग करने में काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब नियमों में ढील मिलने से प्रक्रिया आसान हो गई है। इस फैसले और हस्तक्षेप से किसानों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है और उन्हें आर्थिक संकट से उबरने में बड़ी मदद मिल रही है।

फैसले के बाद किसानों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटी

ऐसे में किसानों का कहना है कि पहले मंडियों में गेहूं को लेकर काफी सख्ती थी, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब नियमों में ढील मिलने से प्रक्रिया आसान हो गई है और उन्हें काफी राहत मिली है। इस फैसले के बाद किसानों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई है और वे आर्थिक संकट से उबरने की उम्मीद कर रहे हैं।

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