Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने आम लोगों की सेहत को लेकर राहत देने वाले कदम उठाए हैं। आज के समय में शुगर और कैंसर जैसी बीमारियों का इलाज काफी महंगा हो गया है, ऐसे में बजट में यह साफ किया गया है कि इन बीमारियों की दवाएं लोगों को सस्ती कीमत पर मिल सकें, यह सरकार की प्राथमिकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इलाज को आम आदमी की पहुंच में लाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इस बजट के तहत फार्मा सेक्टर में 10 हजार करोड़ का निवेश किया जाएगा। 

मिडिल क्लास लोगों को कितना मिला फायदा?

राजस्थान में अधिकतम मिडिल क्लास और बुजुर्ग आबादी है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर मिडिल क्लास और बुजुर्गों को क्या मिला है। राजस्थान में हर 10 में से 1 व्यक्ति डायबिटीज या प्री-डायबिटिक का शिकार है। इंसुलिन और इस तरह की अन्य दवाओं की कीमतों में कमी होने से आम आदमी को फायदा हुआ है। वहीं, अर्थराइटिस और ल्यूपस जैसी बीमारियों के इंजेक्शन और दवाइयों पर भी कस्टम ड्यूटी हटी है। इसी तरह कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने के लिए इस बजट में शक्ति दी गई है। कैंसर दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटने से मरीजों का मासिक चिकित्सा खर्च 20% से 30% तक कम होने की उम्मीद है।

राजस्थान मेडिकल टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

इसी के साथ दवाइयों और इलाज के सस्ते होने से आसपास के देशों से भी लोग राजस्थान जैसे राज्यों में इलाज कराने आयेंगे। राजस्थान के बड़े निजी अस्पतालों (जैसे जयपुर के मेदांता, फोर्टिस, और महात्मा गांधी अस्पताल) में इलाज की लागत भी कम होगी।

बायो-फार्मा शक्ति के साथ मिलेंगे रोजगार के अवसर 

राजस्थान में युवाओं को बायोटेक्नोलॉजी और रिसर्च के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। राजस्थान के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में नई लैब और रिसर्च सेंटर स्थापित होने की संभावना है।

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