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Rajasthan Weather: राजस्थान में मानसून की विदाई के बाद मौसम बदलेगा। वहीं दिन में धूप और रात में गुलाबी ठंड महसूस हो रही है। जानें जयपुर-बीकानेर का हाल।

Rajasthan Weather: राजस्थान में मानसून की विदाई के बाद बारिश की गतिविधियों पर ब्रेक लग गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आज राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम शुष्क बना रह सकता है। इसके साथ ही किसी भी जिले को फिलहाल बारिश के अलर्ट में शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना नहीं है। राजस्थान के बाड़मेर, बीकानेर और जोधपुर जैसे इलाकों में मौसम साफ रहने और धूप खिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में प्रदेश में गुलाबी ठंड की शुरुआत हो चुकी है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल किसी भी जिले में भारी बारिश, आंधी या तूफान की संभावना नहीं है। दिन के समय तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जबकि रात के तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से राजस्थान में सुबह और रात के समय ठंड बढ़ने लगी है।

जयपुर में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी जयपुर और आसपास के इलाकों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना जताई जा रही है। जयपुर में सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है। यहां न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचने की संभावना है। फिलहाल जयपुर के लिए बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

जोधपुर और बीकानेर में कैसा रहेगा मौसम?
जोधपुर और बीकानेर में दिन का तापमान बढ़ सकता है। ऐसे में दोपहर के समय लोगों को गर्मी का एहसास हो सकता है, जबकि रात में तापमान गिरने से ठंड बढ़ने की संभावना है। जैसलमेर और आसपास के इलाकों में भी रात के तापमान में गिरावट के कारण लोगों को ठंड महसूस होने लगी है। मौसम के मौजूदा रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में राजस्थान के कई हिस्सों में सुबह और रात के समय ठंड बढ़ सकती है। इस दौरान हवाएं 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है।

किसानों के लिए राहत भरा मौसम
मौसम में बदलाव किसानों के लिए राहत भरा हो सकता है। बारिश की गतिविधियां कम होने से खेतों में फसल की कटाई और अन्य कृषि कार्य बिना किसी बड़ी रुकावट के किए जा सकते हैं। हालांकि, किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही कृषि कार्यों की योजना बनानी चाहिए।

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