Two Wheeler Safety Rules: राजस्थान में सड़क हादसे कम करने और अकाल मौतें रोकने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस ने आज प्रदेशभर में न डबल सवारी हेलमेट लगाने के लिए जागरूकता अभियान शुरू कर रही है। डीजीपी राजीव शर्मा ने बताया कि मिशन 2030 के तहत सड़क दुर्घटनाओं में मृत्युदर 50 प्रतिशत तक घटाने का लक्ष्य रखा गया है। राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में दुपहिया वाहन चालक और उनके साथ पीछे बैठने वाले सहयात्री रेगुलर हेलमेट नहीं लगाते है। ऐसे में छोटे हादसों में सिर में चोट लगने से मृत्युदर बढ़ रही है।

अब पीछे बैठने वाले के लिए भी हेलमेट जरूरी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुरक्षा की दृष्टि से अब दोनों सवारी के लिए हेलमेट जरूरी हैं और अब इन्हें प्रभावी रूप से लागू करने के लिए जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इसके बाद भी नहीं माने तो सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस 15 दिन के अभियान के दौरान परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज संस्थाएं, स्वयंसेवी संगठन एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेगी। बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलेगा।

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राजस्थान में पुलिस का हेलमेट जागरूकता अभियान

इसके तहत ग्राम पंचायतों, विद्यालयों, कॉलेजों, प्रमुख बाजारों, चौराहों, ग्रामीण हाटों एवं सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, सड़क सुरक्षा शपथ रैली, प्रचार वाहन और ग्राम सभाओं के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सोशल मीडिया और धरातल पर बिना हेलमेट नहीं सफर जैसे अभियान से जागरूक करेंगे।  आपको बता दें कि राजस्थान पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा और सड़कों से वीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 27 दिन में 2.20 लाख कार्रवाई की जा चुकी है। ऐसे में पुलिस का कहना है कि यह प्रयास लगातार जारी रहेंगे ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके।