Rajasthan Drug Mafia: ड्रग्स तस्करी पर सख्ती के लिए शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एन-कॉर्ड (नार्को को-ऑर्डिनेशन सेंटर) की 10वीं बैठक हुई। जिसमें राज्यों के मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य एजेंसियों को अगले तीन वर्षों में राज्यों को ड्रग्स फ्री बनाने के निर्देश दिए गए।
इसके लिए एक्शन प्लान तैयार किया है, जिसके तहत ड्रग्स तस्करों के खिलाफ 33 विभाग समन्वय के साथ कार्रवाई करेंगे। राजस्थान से बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, एसीएस गृह भास्कर ए. सावंत, एडीजी दिनेश एमएन, नारकोटिक्स के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी सहित कई अधिकारी शामिल हुए। ड्रग्स तस्करों के पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर सभी संबंधित एजेंसियां संयुक्त कार्रवाई करेंगी। तस्करों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त या ध्वस्त किया जाएगा। साथ ही फाइनेंशियल ट्रैक की जांच कर बड़े नेटवर्क तक पहुंचने और तस्करी पर रोक लगाने की रणनीति पर काम होगा।
भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से जुड़े ड्रग्स तस्करी के मामलों को देखते हुए राजस्थान के पांच सीमावर्ती जिलों में निगरानी और सख्ती बढ़ाई जाएगी। जेलों में बैठे नेटवर्क से जुड़े बदमाशों की पहचान कर कार्रवाई होगी। वहीं, बाहर सक्रिय बड़े तस्करों की अवैध संपत्तियों पर भी प्रहार किया जाएगा।
बैठक में अलग-अलग श्रेणी के वीजा पर भारत आने वाले ड्रग्स तस्करी में संलिप्त विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई का प्लान बनाने के निर्देश दिए गए।इस दौरान एनडीपीएस एक्ट में संशोधन के सुझाव भी सामने आए। इसके तहत ड्रग्स की मात्रा संबंधी प्रावधानों में बदलाव पर विचार किया जा सकता है। राजस्थान में ड्रग्स फ्री एक्शन प्लान को लेकर जल्द ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक होगी, जिसमें सभी जिलों के एसपी और संबंधित एजेंसियां शामिल होंगी। जिला व रेंज स्तर पर दो-दो किंगपिन तस्करों को चिन्हित कर उनकी अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई करते हुए उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।