Rajasthan Development: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल और मंत्री परिषद की बैठक में राज्य में ऊर्जा आपूर्ति, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और कानूनी परिवर्तन में सुधार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। आपको बता दें की प्रमुख पहलों में सौर ऊर्जा से चलने वाले निशुल्क बिजली योजना का शुभारंभ, सीवरेज नीति में संशोधन, महाविद्यालय में भर्ती अभियान के साथ राज्य विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध विधायक का क्रियान्वयन भी शामिल है।
एक करोड़ से ज्यादा उपभोक्ताओं को डेढ़ सौ यूनिट तक मुफ्त बिजली
घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा होने वाला है। दरअसल मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री सूर्य घर 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी दे दी है। इस पहल के बाद एक करोड़ से ज्यादा पंजीकृत उपभोक्ताओं को हर महीने डेढ़ सौ यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी। इसी के साथ छतों वाले लाभार्थियों को 1.1 किलोवाट के सौर पैनल मुफ्त में दिए जाएंगे।
उपमुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि छत पर लगने वाले सौर पैनल 3000 मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा को उत्पन्न करने में सहायता करेंगे। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि वे कई घरों के बिजली बिलों को भी काम करेंगे।
राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध विधेयक
मंत्रिमंडल ने गलत बयानी, धोखाधड़ी बल प्रयोग और प्रलोभन द्वारा धर्म परिवर्तन पर विराम लगाने के उद्देश्य से राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध विधेयक के संशोधित और अधिक कठोर मसौदे को अप्रूव कर दिया है। इसके तहत प्रस्तावित कानून में कठोर दंड को शामिल किया गया है। यह दंड है 7 साल से लेकर आजीवन कारावास और अपराध की गंभीरता के आधार पर 5 लाख से 50 लाख तक का जुर्माना। इस विधेयक में धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से किए गए विवाहों को भी अमान्य घोषित करने का प्रस्ताव है। बार-बार अपराध करने वालों को आजीवन कारावास होगा और उनकी संपत्ति भी जप्त कर ली जाएगी।
सीवरेज एवं अपशिष्ट जल नीति में संशोधन
बुनियादी ढांचे के आधुनिकरण के लिए मंत्रिमंडल ने सीवरेज और अपशिष्ट जल नीति में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है। संशोधित नीति का उद्देश्य सभी नगरीय निकायों में एक व्यवस्थित सीवरेज प्रणाली को बनाना है और साथ ही जल के दोबारा से इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
राजस्थान उपकर महाविद्यालय में भर्ती
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए राजस्थान उपकर महाविद्यालय में 4724 संविधान आत्मक शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक पद भरे जाएंगे। इनमें 3540 शैक्षणिक पद यूजीसी मानदंडों के मुताबिक भरे जाएंगे।
बुनियादी ढांचा और रोजगार पहल
शहरी क्षेत्र में 2 लाख एलइडी स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। इसकी अनुमानित लागत लगभग 160 करोड़ रुपए मानी गई है। अब राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी मिल चुकी है, जिस वजह से बोर्ड में नियमित भर्ती का रास्ता भी साफ हो गया है। विभागीय दक्षता में सुधार के उद्देश्य से भूजल, कारागार और कृषि विपणन सेवाओं के साथ अलग-अलग विभागों में नए पद और पदोन्नति के अवसर बनाए जाएंगे।
यह भी पढ़ें...Pali Railway Station : एअरपोर्ट जैसी चमक दमक वाला होगा पाली रेलवे स्टेशन, 96 करोड़ की मेगा डेवलपमेंट प्लान