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NEET Paper Leak: सीकर कोचिंग हब में NEET पेपर लीक का खेल चल रहा था, जहां 10 लाख में छात्र सवाल बेच रहे थे और सभी सोशल मीडिया पर संपर्क में थे।

NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक प्रकरण में सीकर कोचिंग हब का काला सच सामने आया है। यहां छात्र गिरोह की तरह पेपर आने से पहले ही उसे बेचने के लिए साथी छात्रों का ग्रुप बनाने में जुटे थे। इसी कोशिश में वे काउंसलर के पास पहुंचे और पेपर वायरल हो गया। इसमें जमवारामगढ़ निवासी परिवार का छात्र भी शामिल था। इससे भी सीबीआई पूछताछ कर रही है।

180 सवाल में से 125 सवाल हूबहू

सीबीआई पेपर वायरल वाली चेन के साथ मनी ट्रेल की भी पड़ताल करेगी। हालांकि सीबीआई ने पेपर वायरल के आरोप में किसी छात्र को गिरफ्तार नहीं किया है। सीकर में 3 मई की रात को थाने पहुंचे कोचिंग सेंटर के और पीजी संचालक पास वायरल गेस पेपर था। इसमें मूल पेपर के 180 सवाल में से 125 सवाल हूबहू थे। पड़ताल में सबसे पहले जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी छात्र का नाम सामने आया। इसने पहले ही अपने साथियों को बोल दिया था कि पेपर आएगा। इसके साथ ही उसके साथी छात्रों ने पेपर बेचने के लिए ग्राहक तलाशना शुरू कर दिए। शुरुआत में उन्होंने दस लाख रुपए में पेपर देने का वादा किया था।

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छात्र सोशल मीडिया पर सम्पर्क में थे

आपको बता दें कि सोशल मीडिया ग्रुप में जुड़े हुए हैं सभी छात्र पेपर चाहने वाले छात्र सोशल मीडिया पर सम्पर्क में थे। उन्होंने पेपर खरीद की बात करने के बाद ग्रुप भी बना लिए थे। उनका भांडा उस समय फूटा जब पेपर पाने वाले छात्रों ने उसे किसी और ग्रुप में डाल दिया। जमवारामगढ़ निवासी छात्र के अलावा काउंसलर राकेश कुमार भी पेपर बेच रहा था। बताया जा रहा है कि उसे भी छात्रों ने ही तलाशा था। रुपए जुटाने के लिए उससे मिले। उसके ग्रुप में बड़ी संख्या में छात्र जुड़े हुए हैं। यह भी बात सामने आई है कि पेपर खरीदने के लिए तैयार होने वालों में उन छात्रों की संख्या ज्यादा जो दो या इससे अधिक वर्ष से सीकर के कोचिंग सेंटर्स में पढ़ाई कर रहे हैं। सीबीआई उन छात्रों की पहचान में जुटी है, जिन्होंने पेपर के बदले रकम स्वीकार की है।

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