Ajmer Collectorate March: अजमेर नगर निगम में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत 2250 अस्थायी सफाई कर्मियों की हड़ताल बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। मानदेय बढ़ाने, पीएफ कटौती शुरू करने और अन्य श्रमिक सुविधाओं की मांग को लेकर कर्मचारियों ने नगर निगम से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट तक मार्च किया और वहां प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आपको बता दें कि प्रदर्शन के दौरान सफाईकर्मी हाथों में झाडू और मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर पहुंचे। वाल्मीकि समाज के कई प्रतिनिधियों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। वहीं हड़ताल करने वाले कर्मचारी सुबह नगर निगम की पुरानी बिल्डिंग में एकत्र हुए, जहां उन्होंने ठेकेदार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया।
महिला सफाई कर्मचारी प्रिया चौहान ने बताया कि वर्तमान में उन्हें हर महीने करीब 7 हजार रुपए सैलरी मिल रही है, जिससे परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि इतनी राशि में घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और बिजली-पानी के बिल तक पूरे नहीं हो पाते। कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें कम से कम 500 रुपए दिन के हिसाब से मानदेय दिया जाए और पिछले करीब डेढ़ साल से पीएफ में भी कटौती नहीं की जा रही है। प्रिया ने कहा कि स्थायी और अस्थायी कर्मचारी एक जैसा काम करते हैं, लेकिन वेतन और सुविधाओं में बड़ा अंतर है। ऐसे में मजबूरी में कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।
ऐसे में कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें प्रतिदिन 500 रुपए मानदेय दिया जाए और पीएफ सहित अन्य वैधानिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। यूनियन सदस्य सन्नी गोयर ने बताया कि प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को वर्तमान में 285 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है, जबकि उनकी मांग 500 रुपए प्रतिदिन करने की है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों में यह दूसरी और पिछले छह महीनों में तीसरी हड़ताल है, लेकिन अब तक कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं हड़ताल के कारण शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है।









