Rajasthan News: मास्टर प्लान में प्रस्तावित चौड़ाई के अनुसार सड़क निर्माण के लिए जेडीए पुरानी बसावट तक को उजाड़ रहा है, लेकिन रेलवे के आगे नतमस्तक है। हाल ही में हाउसिंग बोर्ड ने जगतपुरा पुलिया को दांतली पुलिया तक 200 फीट चौड़ी सड़क के बोटल नेक को खत्म करने के लिए 25 मकान-दुकान ध्वस्त किए, लेकिन इसी सड़क का जगतपुरा पुलिया से सीबीआई फाटक तक रेलवे द्वारा जमीन नहीं देने से बोटल नेक बना हुआ है। जेडीए द्वारा बार-बार पत्र लिखने के बावजूद रेलवे 160 फीट चौड़ी सड़क के लिए जमीन नहीं दे रहा, ऐसे में जेडीए को मौजूदा 60 फीट चौड़ाई में ही सड़क बनाना पड़ रहा है।

160 फीट की सड़क के लिए जमीन नहीं

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जोनल प्लान में जगतपुरा पुलिया से सीबीआई फाटक तक सड़क की चौड़ाई पहले 200 फीट प्रस्तावित थी। इसे घटाकर दो साल पहले 160 फीट किया था। हाल में जेडीए ने 160 चौड़ाई में सड़क बनाने के लिए रेलवे से जमीन मांगी, लेकिन रेलवे ने जमीन के बदले कॉमर्शियल जमीन मुआवजे में मांगी। ऐसे में जेडीए अब 60 फीट चौड़ाई में ही डिवाइडर के साथ टू लेन सड़क बना रहा है। इस सड़क से इंदिरा गांधी नगर, खोहनागोरिया, शूटिंग रेंज और फाटक पार बसी कॉलोनियों के रोजाना 8 से 10 वाहन निकलते हैं। सुबह-शाम पीक आवर्स में जाम रहता है।

JDA की सड़क चौड़ीकरण योजना अटकी

बता दें कि 1 ऐसा पहली बार नहीं है कि रेलवे सड़कों के विकास में अड़ंगा लगा रहा है। इससे पहले टोंक फाटक लक्ष्मी मंदिर सिग्नल फ्री प्रोजेक्ट के लिए रेलवे ने जमीन नहीं दी। जेडीए ने 2023 में प्रोजेक्ट पूरा कर दिया, लेकिन गांधी नगर रेलवे स्टेशन की तरफ और गांधी नगर मोड़ से सहकार मार्ग जाने वाले वाहनों को बरकत नगर फाटक पर जाम में फंसना पड़ रहा है। रेलवे को यहां टोंक फाटक पुलिया से लगती जमीन देनी थी। मानसरोवर रीको कांटा से वाया सांगानेर रेलवे स्टेशन से डिग्गी मुहाना मोड़ पर रेलवे ने 120 फीट सड़क चौड़ाई के लिए जमीन देने से मना कर दिया। प्रस्तावित सड़क की जमीन पर रेलवे ने हॉस्पिटल प्रस्तावित कर दिया, जबकि काश्तकार सड़क के लिए जमीन देने को तैयार हैं। रेलवे के जमीन नहीं देने से सांगानेर में एलिवेटेड प्रोजेक्ट का डायवर्जन नहीं मिल पा रहा है।