Rajasthan Riverfront Project: हनुमानगढ़ जिले के घग्घर बहाव क्षेत्र में सुरक्षा और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य जल्द ही शुरू होने वाले हैं। राज्य सरकार की बजट घोषणा में इन परियोजनाओं के लिए 325 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके साथ ही जीडीसी (Ghaggar Development Works) और नाली बेड में किए जाने वाले कार्यों के लिए डीपीआर तैयार करने का प्रोसेस भी शुरू कर दिया गया है।
आपको बता दें कि कंसल्ट एजेंसी इन कामों को करवाने को लेकर कोशिश कर रही हैं।
शिविर लगाकर गांव वालों से सुझाव लिए गए
वहीं नेपकॉन की तरफ से गांव में शिविर लगाकर गांव वालों से सुझाव लिए जा रहे हैं। वहीं बीते दिन गुरुवार को घग्घर क्षेत्र के कुछ गांव में शिविर लगाया गया। जहां लोगों की राय जानी गई। इसके साथ ही आपको बता दें कि जल संसाधन उत्तर हनुमानगढ़ के चीफ इंजीनियर प्रदीप रुस्तगी, एसई शिवचरण रेगर, एक्सईएन हरि सिंह सिहाग मौजूद रहे। प्रशासक नवनीत सिंधु के नेतृत्व में किसानों ने नाली बैड चौड़ाई बढ़ाने, अवैध बंधे हटाने समेत कई सुझाव दिए।
दावों पहलुओं पर विचार किया जा रहा
आपकी जानकारी के लिए बता दो कि राज्य सरकार ने घग्घर क्षेत्र की चौड़ाई 6 से 3 बीघा कर दी है। इसके साथ ही कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। जिसका अध्ययन अभी उनसे जुड़ी एजेंसी कर रहे हैं। जीडीसी की लाइनिंग पक्की करने, पुलों को बनाने के बाद इसका क्या असर आएगा। किस तरह के रिवर फ्रंट के तौर पर हनुमान पर शहरी क्षेत्र के नदी क्षेत्र को विकसित किया जाए। फिलहाल इन दावों पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।
परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा
इस बीच आपको बता दें कि परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में घग्घर नदी की साइड लाइनिंग को पक्का, बाढ़ नियंत्रण के लिए आवश्यक संरचनात्मक कार्य किए जाएंगे। वहीं दूसरे चरण में शहरी क्षेत्र में नदी तट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। नगर परिषद के सहयोग से आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। नदी में नौका विहार (बोटिंग) जैसी पर्यटन गतिविधियों की योजना भी प्रस्तावित है।









