Rajasthan Oil Price News: ईरान और इजराइल का युद्ध का असर भरतपुर में भी देखने को मिल रहा है। भरतपुर में सरसों के तेल में उछाल हुआ है। बताया जा रहा है विदेश से तेल खरीदा जाता था, जिस पर रोक लगा दी गई है। इस वजह से सरसों में ₹800 प्रति क्विंटल तक बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही किसानों ने भी सरसों का स्टॉक कर लिया है। फिलहाल किसान और भी ज्यादा सरसों के दामों में बढ़ोतरी होने का इंतजार कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें- Ajmer Water Project: अजमेर उत्तर में पानी संकट के समाधान की ओर बड़ा कदम, 51 किलोमीटर तक बिछेगी लंबी लाइन
भारत में 50% खाद्य तेल विदेश से आता है
वहीं व्यापारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह कभी-कभी सरकार किसानों तेल खरीदती थी, इससे किसानों को ज्यादा रेट मिलता था। वहीं अब किसानों को सरसों का दाम अच्छा मिल रहा है। वही महंगाई का दूसरा कारण यह भी है कि भारत में 50% खाद्य तेल विदेश से आता है। विदेश से तेल खरीदने के बाद ही इंडिया में खाद्य तेल की पूर्ति होती है। वहीं इस समय विदेश में युद्ध चल रहे हैं, जिस वजह से शिपमेंट में दिक्कत हो रही है। इस वजह से ही तेल की कमी है और यही कारण है कि सरसों के तेल के दामों में उछाल हुआ है।
सरसों के तेल के दाम और बढ़ सकते हैं
अगर लड़ाई इसी तरह ही चलती रही तो, सरसों के तेल के दाम और बढ़ सकते हैं कि फरवरी में सरसों के दाम 6250 रुपए प्रति क्विंटल थे। वहीं इस समय सरसों के दाम 7000 के आसपास पहुंच चुके हैं। बाजारों में सरसों के तेल में ₹30 तक तेजी देखी गई है। इस समय किसान सरसों को बेचने के लिए मंडी में नहीं ला रहा है। किसान सरसों के तेल के दामों का और भी ज्यादा उछाल होने का इंतजार कर रहा है।










