Bharat-Vistaar : खेती में डिजिटल क्रांति की तरफ एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, मंगलवार, 17 फरवरी को दुर्गापुरा के स्टेट एग्रीकल्चरल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (श्याम) में "भारत विस्तार" लॉन्च किया गया। प्रोग्राम की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने की।
भारत विस्तार खेती में डिजिटल क्रांति की शुरुआत करता है
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत विस्तार ने खेती में डिजिटल क्रांति की शुरुआत की है। यह प्लेटफॉर्म किसानों को AI-बेस्ड सिस्टम के जरिए उनकी खेती से जुड़ी अलग-अलग जानकारी समय पर देगा।
उन्होंने कहा कि पिंक सिटी जयपुर से पूरे देश में लॉन्च किया गया यह AI-बेस्ड इनोवेशन, किसानों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पूरी खेती की सर्विस देगा, जिससे खेती के सेक्टर में ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी और किसान मजबूत होंगे और आत्मनिर्भर बनेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत विस्तार के ज़रिए किसानों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी जानकारी आसानी से मिल जाएगी, जिसमें रियल-टाइम मार्केट प्राइस, इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट के खेती के तरीके, सेंट्रल एग्रीकल्चरल वेलफेयर स्कीम की जानकारी, फसल पर आधारित साइंटिफिक सलाह, मौसम का अनुमान, एग्रीकल्चरल लोन, सरकारी स्कीम के लिए एलिजिबिलिटी और एप्लीकेशन शामिल हैं।
अभी इसे हिंदी और इंग्लिश में लॉन्च किया गया है, और भविष्य में इसे 11 दूसरी भारतीय भाषाओं में लॉन्च किया जाएगा। भविष्य में इस प्लेटफ़ॉर्म को एग्रीस्टैक के साथ भी इंटीग्रेट किया जाएगा, जिससे किसान अपनी फार्मर ID के जरिए खेती से जुड़ी सभी समस्याओं का तुरंत सॉल्यूशन पा सकेंगे।
प्रधानमंत्री लगातार किसानों की भलाई के लिए काम कर रहे हैं
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में किसानों की भलाई के लिए लगातार काम किया जा रहा है। MSP पर रिकॉर्ड खरीद हुई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, खेती में अलग-अलग तरह के काम, नेचुरल खेती, इंटीग्रेटेड खेती, और किसानों को खेती के साथ-साथ पशुपालन और एग्रोफॉरेस्ट्री करने के लिए बढ़ावा देने जैसे कई फैसले लिए गए हैं, जिनसे देश के अन्नदाताओं को फायदा हो रहा है।
माइक्रो इरिगेशन में राजस्थान देश में पहले नंबर पर
श्री चौहान ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राजस्थान खेती में नए-नए प्रयोग कर रहा है। इसके अलावा, राज्य खेती में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से भी देश में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में 10 एग्रो-क्लाइमैटिक जोन हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा रेगिस्तान है। राज्य सरकार के लगातार नए-नए कामों से राज्य माइक्रो-इरिगेशन में देश में पहले नंबर पर आ गया है, और सरकार ने राजस्थान के रेगिस्तान को स्वर्ग बना दिया है।
किसानों के हितों को किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा
श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए किसानों का हित सबसे ऊपर है, और उन्हें विश्वास है कि वे किसानों के हितों को कोई नुकसान नहीं पहुंचने देंगे। उन्होंने पूछा कि साल 2006-07 में, जब रिकॉर्ड चीनी का प्रोडक्शन हुआ था, तब की सरकार ने चीनी का बफर स्टॉक क्यों नहीं बनाया और किसानों को क्यों नहीं बचाया गया।
साथ ही, भारत पहले खाने के तेलों में आत्मनिर्भर था, लेकिन उस समय की सरकार की गलत नीतियों की वजह से देश इम्पोर्ट पर निर्भर हो गया। उन्होंने पशुपालकों को भरोसा दिलाया कि दूध, दही, घी, पनीर या कोई भी दूसरा डेयरी प्रोडक्ट इम्पोर्ट नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि किसानों और पशुपालकों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
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