Bharat-Vistaar : खेती में डिजिटल क्रांति की तरफ एक ऐतिहासिक कदम के तौर पर, आज दुर्गापुरा में स्टेट एग्रीकल्चरल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (श्याम) में "भारत विस्तार" लॉन्च किया गया। इस इवेंट में, मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने केंद्रीय कृषि मंत्री का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि AI वाला भारत विस्तार सिस्टम खेती को मॉडर्न बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
इससे किसानों की बढ़ेगी खुशहाली
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने भारत विस्तार बनाया है, जो खेती में AI पर आधारित एक नेशनल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर है, जिसे आधार, UPI और एग्रीस्टेक जैसे मजबूत डिजिटल प्लेटफॉर्म की तरह बनाया गया है। यह एक ऐसा टेक्नोलॉजिकल बदलाव दिखाता है जहाँ टेक्नोलॉजी, ज्ञान और किसान एक साथ आगे बढ़ते हैं। भारत विस्तार के जरिए, किसानों को फसल की प्लानिंग, खेती के बेहतर तरीके, पेस्ट कंट्रोल, मौसम की जानकारी, बाजार की कीमतें, मछली पालन, पशुपालन और सरकारी योजनाओं की जानकारी उनके फोन पर मिलेगी। इससे राज्य के किसानों को बहुत फायदा होगा।
किसानों के लिए सर्विस तक पहुँच आसान और इंटीग्रेटेड होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विस्तार के जरिए, किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी और सर्विस सीधे बातचीत के जरिए अपनी भाषा में तुरंत मिलेंगी। महाराष्ट्र से महा विस्तार, बिहार से बिहार कृषि और गुजरात से अमूल जैसे सिस्टम पहले ही जुड़ चुके हैं। यह एक कॉमन डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो सेंट्रल और स्टेट सिस्टम को जोड़कर किसानों को आसान, इंटीग्रेटेड और भरोसेमंद तरीके से सर्विस देगा।
किसानों को साइंटिफिक खेती को बढ़ावा देना चाहिए
श्री शर्मा ने कहा कि किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं हैं, वे इस देश की नींव हैं। अगर हमारे किसान साइंटिफिक तरीके से खेती करें, तो उनकी इनकम जरूर बढ़ेगी, जिससे देश का विकास होगा। उन्होंने कहा कि हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए खेती को बचाना होगा। फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड के ज्यादा इस्तेमाल से मिट्टी खराब होती है। इसलिए, सॉइल हेल्थ कार्ड के आधार पर जरूरत के हिसाब से फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड का इस्तेमाल करना जरूरी है।
खेती के साथ-साथ पशुपालन पर भी ध्यान दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि देश में चार जातियां हैं: युवा, महिला किसान और मजदूर। हम उनके उत्थान के लिए काम कर रहे हैं। खेती के साथ-साथ राज्य ने पशुपालन पर भी ध्यान दिया है। इसके लिए मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत 14 लाख से ज्यादा जानवरों के लिए मुफ्त बीमा पॉलिसी जारी की गई हैं। राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए पशुपालक परिवारों को ₹676 करोड़ के ब्याज-मुक्त लोन दिए गए हैं। मुख्यमंत्री दूध उत्पादक सहायता योजना के तहत दूध उत्पादकों को ₹5 प्रति लीटर की आर्थिक मदद दी जा रही है।
बाजरा, सरसों, तिलहन, जौ, ग्वार, इसबगोल और जीरा के उत्पादन में राज्य पहले स्थान पर
श्री शर्मा ने कहा कि बाजरा, सरसों, तिलहन, जौ, ग्वार, इसबगोल और जीरा के उत्पादन में राज्य देश में पहले स्थान पर है, जो राज्य के लोगों के लिए गर्व की बात है। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी लगन से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद पर बोनस, ₹50,000 करोड़ के बिना ब्याज वाले फसल लोन, 18 लाख सॉइल हेल्थ कार्ड बांटना, 2 लाख से ज्यादा नए खेती के कनेक्शन जारी करना और 63,000 से ज्यादा सोलर पंप लगाना जैसे फैसलों ने किसानों को मजबूत बनाया है।
एडवांस और टेक्नोलॉजी वाली खेती को बढ़ावा
कृषि मंत्री श्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि राज्य सरकार लगातार एडवांस और टेक्नोलॉजी वाली खेती को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार किसानों की इनकम बढ़ाने और उनकी भलाई के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में खेती के उपकरणों पर सब्सिडी, मिनी किट बांटना, सॉइल हेल्थ मैनेजमेंट, आवारा जानवरों से फसल सुरक्षा और ग्रीनहाउस को बढ़ावा देने जैसे कई नए काम कर रही है, जिससे किसानों की इनकम बढ़ेगी। इसके अलावा, नकली खाद, बीज और कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जिससे ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी।
किसानों की बातचीत का लाइव डेमो
इस दौरान, भारत विस्तार के जरिए किसानों की बातचीत का लाइव डेमो भी दिखाया गया। किसानों ने भारत विस्तार नंबर 155261 पर कॉल करके अपनी खेती की समस्याएं बताईं और उन्हें AI के जरिए तुरंत समाधान मिला। इससे पहले कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और मुख्यमंत्री ने भारत विस्तार को लॉन्च किया। इस दौरान उन्होंने 'AI हैकाथॉन', 'एग्री कोष' और AI फॉर एग्रीकल्चर रोडमैप को भी लॉन्च किया।
इस मौके पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, सांसद मंजू शर्मा, मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, केंद्रीय कृषि सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी, केंद्रीय अतिरिक्त कृषि सचिव श्री प्रमोद कुमार मेहरड़ा, प्रमुख कृषि सचिव श्रीमती मंजू राजपाल, कृषि विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
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