Ajmer Annapurna Rasoi: नगर निगम की ओर से संचालित 28 अन्नपूर्णा रसोइयों में से कई ऐसी जगहों पर चल रही हैं, जहां बैठकर भोजन करना भी मुश्किल है। बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के शुरू की गई इन रसोइयों में कहीं नाले की दीवार पर, कहीं संक्रमित आइसोलेशन वार्ड के सामने, कहीं सुलभ शौचालय के पास तो कहीं कचरा डिपो और जलभराव वाली जगहों पर 8 रुपए में भोजन परोसा जा रहा है।
अब फूड कोर्ट जैसी सुविधा मिलेगी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शहर की 10 से अधिक अन्नपूर्णा रसोइयों की स्थिति बेहद खराब है। कई स्थानों पर दुर्गंध, गंदगी और कीचड़ के बीच लोगों को भोजन करना पड़ रहा है। वहीं मजबूरी में जरूरतमंद इन रसोइयों का उपयोग कर रहे हैं। आपको बता दें कि विजयलक्ष्मी पार्क के बाहर नाले पर बनी अन्नपूर्णा रसोई, जेएलएन अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड के सामने, रेडक्रॉस के सामने सुलभ कॉम्प्लेक्स की छत पर, रेलवे स्टेशन के बाहर सुलभ कॉम्प्लेक्स के पास, घूघरा घाटी तथा सुभाष नगर सब्जी मंडी के बाहर संचालित रसोइयों में गंदगी और जलभराव की समस्या बनी रहती है। कई स्थानों पर कीचड़ के कारण पहुंचना भी मुश्किल है, जबकि आसपास से लगातार दुर्गंध आती रहती है।
जेएलएन अस्पताल के पास बनेगी रोल मॉडल रसोई
नगर निगम ने अधिशासी अभियंता नोहिन खानम को अन्नपूर्णा रसोइयों का प्रभारी बनाया है। इसके बाद रसोइयों के उन्नयन पर काम शुरू किया गया है। जेएलएन अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास नई अन्नपूर्णा रसोई को रोल मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका डिजाइन स्वयं नोहिन खानम ने तैयार किया है। उन्होंने बताया कि नई रसोई में फूड कोर्ट की तर्ज पर अलग डाइनिंग हॉल, अलग किचन और हाथ धोने की अलग व्यवस्था की गई है। स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए आरओ पेयजल, एयर कंडीशनर सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।