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Non Stick Utensils : नॉन स्टिक बर्तन का इस्तेमाल करते वक्त सावधानी बरतनी जरूरी है, नहीं तो शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

Non Stick Utensils : आज के समय में रसोई का सबसे अहम हिस्सा नॉन स्टिक बर्तन बन चुका है। ये बर्तन हल्के होते हैं और आसानी से साफ हो जाते हैं। वहीं इनमें खाना बनाने के लिए तेल का भी कम इस्तेमाल होता है। ऐसे में आजकल नॉन स्टिक बर्तनों का क्रेज काफी ज्यादा बढ़ता जा रहा है। वहीं बहुत कम लोग यह जानते हैं कि नॉन स्टिक बर्तनों में खाना पकाना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। नॉन स्टिक बर्तनों में होने वाली कोटिंग का इस्तेमाल अगर गलत तरीके से किया जाए तो यह सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अगर आप नॉन स्टिक बर्तनों का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं, तो यह लेख आपके काम आने वाला है। इस लेख में आज हम आपको बताएंगे कि नॉन स्टिक बर्तन इस्तेमाल करने से सेहत पर क्या बुरा असर पड़ता है। तो चलिए जानते हैं इस एक्सपर्ट क्या बताते हैं।

नॉन स्टिक बर्तन में पका खाना खाने से आयरन की कमी होती है

नॉन स्टिक बर्तन में पका खाना खाने से आयरन की कमी होती हैएक्सपर्ट का कहना है कि नॉन स्टिक बर्तन में ज्यादा समय तक खाना पकाना सेहत के लिए हानिकारक होता है, क्योंकि नॉन स्टिक बर्तन में खाना बनाते वक्त टेफलॉन से केमिकल निकलता है जो खाने में मिल जाता है। वहीं खाने के जरिए यह शरीर के अंदर जाता है जो कई बीमारियों के पैदा करने का कारण बनता है। इसका सबसे ज्यादा असर दिल और इंफर्टिलिटी पर पड़ता है। नॉन स्टिक बर्तन में पका खाना खाने से आयरन की कमी होती है।

 हमेशा नॉन स्टिक बर्तन के लिए अच्छे ब्रांड चुनें

एक्सपर्ट का कहना है कि नॉन स्टिक बर्तन का कम इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं नॉन स्टिक बर्तन का इस्तेमाल ज्यादा खतरनाक हो सकता है जब इसकी परत खुरची हुई हो। बार-बार लंबे समय तक नॉनस्टिक बर्तन का इस्तेमाल करने से यह खुरचने लगती है। स्टील के चम्मच इस्तेमाल करने से भी खुरच जाते हैं, जिससे माइक्रोस्कोपिक पार्टिकल्स खाने में मिल जाते हैं। जो शरीर में खाने के जरिए पहुंच जाते हैं। इससे हार्मोनल हारमोंस इंबैलेंस भी हो सकता है। आपको बता दें कि अगर आप नॉनस्टिक बर्तन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप लोकल बर्तन से बचें।  हमेशा नॉन स्टिक बर्तन के लिए अच्छे ब्रांड को ही चुनें।

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