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Rajasthan SI Recruitment: आरपीएससी आरओ-ईओ भर्ती 2022 और सेकंड ग्रेड भर्ती का जीके पेपर नकल के मामलों के चलते रद्द कर चुकी है। वहीं आरएएस-2013 परीक्षा भी पेपर लीक विवाद के कारण निरस्त हुई थी।

Rajasthan SI Recruitment: पेपर लीक और धांधली के आरोपों में घिरी एसआई/प्लाटून कमांडर भर्ती-2021 को आखिरकार राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने रद्द कर दिया है। आयोग ने शुक्रवार को भर्ती निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए। अब यह परीक्षा सितंबर 2026 में दोबारा आयोजित की जाएगी। हालांकि पुनर्परीक्षा में केवल वही 3.83 लाख अभ्यर्थी शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने वर्ष 2021 में दोनों पेपर दिए थे। नए अभ्यर्थियों को इसमें मौका नहीं मिलेगा।

ओटीआर में केवाईसी पूरा करना जरूरी होगा

आयोग अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने बताया कि पुराने अभ्यर्थी 16 से 30 मई 2026 तक आवेदन में संशोधन कर सकेंगे। मोबाइल नंबर, ई-मेल और पता बदलने की अनुमति होगी। हालांकि, पहले ओटीआर में केवाईसी पूरा करना जरूरी होगा। एडिट मोड में जाकर 'संशोधन की जरूरत नहीं' का स्वघोषणा पत्र देना भी अनिवार्य रहेगा। प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर आवेदन निरस्त होगा।


आरपीएससी इससे पहले आरओ-ईओ भर्ती 2022 और सेकंड ग्रेड भर्ती का जीके पेपर भी नकल के कारण रद्द कर चुकी है। आरएएस-2013 परीक्षा भी पेपर लीक विवाद में निरस्त हुई थी। संयोग है कि 2021 में भी एसआई परीक्षा सितंबर में हुई थी और अब दोबारा परीक्षा भी सितंबर में ही प्रस्तावित है। पिछली बार सामान्य हिंदी और जनरल नॉलेज-जनरल साइंस के दो पेपर हुए थे। इस बार भी दो पेपर ही होंगे। लिखित परीक्षा के बाद फिजिकल और इंटरव्यू की पूरी प्रक्रिया फिर से होगी। भर्ती पूरी होने में करीब दो साल लग सकते हैं। राजस्थान लोक सेवा आयोग सूत्रों के अनुसार 2021 और 2025 भर्ती की पात्रता शर्ते अलग हैं। कई अभ्यर्थियों की कैटेगरी, नॉन-क्रीमीलेयर स्थिति और आयु सीमा बदल चुकी है। इसी कारण दोनों भर्तियों को मर्ज करना संभव नहीं माना गया।

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4.12 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी दोबारा परीक्षा से बाहर रहेंगे

एसआई भर्ती-2021 निरस्त होने के बाद अब पुनर्परीक्षा में सिर्फ उन्हीं 3.83 लाख अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा, जिन्होंने 2021 में दोनों पेपर दिए थे। जबकि भर्ती के लिए कुल 7.95 लाख आवेदन आए थे। यानी 4.12 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी दोबारा परीक्षा से बाहर रहेंगे। आयोग के फैसले के बाद सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि जब ईओ-आरओ, रीट और सेकंड ग्रेड जैसी रद्द भर्तियों में सभी आवेदकों को दोबारा मौका मिला था तो एसआई भर्ती में अलग नियम क्यों लागू किया गया। कई अभ्यर्थियों ने इसे समान अवसर के अधिकार के खिलाफ बताया है।

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