Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: राजस्थान की तपती धरती पर खेती करना केवल पेशा नहीं, बल्कि पीढ़ियों से जुड़ी पहचान है। यहां किसान सिर्फ अनाज नहीं उगाता- वह उम्मीदें बोता है, इसके बाद मौसम से लड़ता है और हर साल नई शुरुआत करता है। लेकिन जब मेहनत पर सूखा, ओलावृष्टि या बेमौसम बारिश पानी फेर देती है तो किसान की दुनिया भी बिखर जाती है।
प्रदेश के किसानों को अब परेशानी होने की जरूर नहीं है। भजनलाल सरकार ने हमेशा प्रदेश के किसानों का साथ दिया है। इसी कड़ी में राजस्थान सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2025 सत्र के लिए 1150.04 करोड़ रुपए की अनुदान राशि जारी की है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को असमय वर्षा, सूखा, या खराब मौसम के कारण बुवाई न हो पाना या बीज का अंकुरित न होना, बुआई से कटाई तक खड़ी फसलों में प्राकृतिक आपदाओं से क्षति तथा कटाई के बाद 14 दिनों के अंदर पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस पर पूर्ण बीमा लाभ प्रदान करेगी।
खरीफ फसल बीमा के लिए 1150 करोड़ रुपये जारी
कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल ने बताया कि राजस्थान सरकार किसानों के हित में काम करती आई है। इसी कड़ी में भाजपा सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2025 के लिए 1150.04 करोड़ रुपये की अनुदान राशि का भुगतान किया है।
इससे प्रदेश के पंजीकृत 2.17 करोड़ बीमाधारकों को सीधा लाभ मिलेगा। कृषि मंत्री के मुताबिक, योग्य फसल बीमा पॉलिसीधारक किसानों को खरीफ 2025 के देय 2237 करोड़ रुपये के दावों का शीघ्र और प्राथमिकता आधार पर वितरण किया जाएगा।
2.17 करोड़ किसानों को बड़ी राहत
किसान खेत में दिन-रात कड़ी मेहनत करके फसल उगाता है। फसल तैयार होने के बाद किसान की चिंता ज्यादा बढ़ जाती है। उसके मन में एक डर सतता है कि फसल बर्बाद हो गई तो साहूकार के आगे हाथ फैलाना पड़ेगा। यह सोचकर उसकी रातों की नींद उड़ जाती है। लेकिन जब से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू हुई है तभी से अन्नदाता को यह चिंता नहीं सताती है।
भाजपा सरकार ने 1150 करोड़ रुपये की राशि जारी कर प्रदेश के 2.17 करोड़ किसानों को बड़ी राहत दी है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, यह उन लाखों पिताओं की राहत है जिन्हें अपनी बेटी का ब्याह करना है और उन बेटों का हौसला है जिन्हें अगली फसल के लिए खाद-बीज का इंतजाम करना है। करोड़ों किसानों के लिए यह राशि केवल मुआवजा नहीं, बल्कि उनके स्वाभिमान की रक्षा है।
किसानों ने जमा कराया था 466.14 करोड़ रुपए का प्रीमियम
खरीफ 2025 के आंकड़ों की बात करें तो किसानों में कुल 466.14 करोड़ रुपये का प्रीमियम जमा कराया था। किसानों पर प्रीमियम कम पड़े इसके लिए भाजपा सरकार और केंद्र सरकार ने 1150.04 करोड़ रुपये का प्रीमियन अनुदान का भुगतान किया है। इस संयुक्त प्रयास से किसानों को कम प्रीमियम में बीमा सुरक्षा उपलब्ध हो रही है। कृषि मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें जोखिमों से सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किरोड़ी लाल ने विश्वास जताया कि फसल बीमा योजना को और अधिक प्रभावी बनाकर हर पात्र किसान तक इसका लाभ पहुंचाया जाएगा।
फसल बीमा किन किसानों को मिलता है फायदा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उन सभी किसानों को मिलता है, जो अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलें (खाद्य, तिलहन, बागवानी/वाणिज्यिक) उगाते हैं। योजना का फायदा सभी छोटे और बड़े, भूमि के मालिक हों या बटाईदार किसानों को मिलता है, जिनके पास खेती योग्य भूमि का वैध रिकॉर्ड (जैसे- आरओआर, एलपीसी) है।
जिन किसानों ने फसलों के लिए बैंक से लोन लिया है, उनका बीमा अनिवार्य रूप से किया जाता है। इसके अलावा जो किसान लोन नहीं ले रहे हैं, वे भी स्वयं पीएमएफबीवाई पोर्टल https://pmfby.gov.in/ पर या बैंक के माध्यम से स्वैच्छिक पंजीकरण करा सकते हैं। बाढ़, सूखा, कीटों का हमला, बेमौसम बारिश या चक्रवात जैसी आपदाओं के कारण फसल बर्बाद होने पर ही मुआवजा मिलता है।
किसान को आपदाओं में मिलता है पूरा पैसा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए केवल सूखे या बाढ़ तक सीमित नहीं है। कई किसान सोचते है कि मुआवजा केवल बड़ी आपदाओं में मिलता है, लेकिन यह योजना बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि (ओले गिरना), भूस्खलन और आसमानी बिजली जैसी घटनाओं से हुए नुकसान की भी भरपाई करती है।
इस योजना की खास बात यह है कि फसल की कटाई के बाद का कवर होता है। अगर फसल कट चुकी है। अगले 14 दिनों तक खेत में सूखने के लिए रखी है, उस दौरान भी यदि बेमौसम बारिश से फसल खराब होती है, तो किसान मुआवजे का हक दार होता है। इसके अलावा, बादल फटने या जलभराव जैसी स्थानीय आपदाओं को भी इसमें शामिल किया गया है। नुकसान होने पर उसकी जानकारी 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी, बैंक या कृषि अधिकारी को देना अनिवार्य है।
फसल बीमा के लिए आवेदन प्रक्रिया
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ने और इसका फायदा उठाने की प्रक्रिया बहुत सरल और डिजिटल हो गई है। किसान अपनी सुविधा के तीन तरीकों से आवेदन कर सकते हैं। पहला ऑनलाइन आवेदन, योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर खुद रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। दूसरा तरीका ऑफलाइन है, इसमें अपने नजदीकी बैंक, सहकारी समिति या जन सेवा केंद्र की मदद ले सकते हैं। तीसरा ऋणी किसान, जिन किसानों ने बैंक से 'किसान क्रेडिट कार्ड' (केसीसी) या फसल ऋण लिया है। उनका बीमा अक्सर बैंक द्वारा स्वतः कर दिया जाता है।
यह योजना उन किसानों के लिए भी है जिन्होंने कोई कर्ज नहीं लिया है। ऐसे किसान बुवाई के कुछ दिनों के बाद पंजीकरण करवाकर आपकी पूरे साल की मेहनत और कमाई को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित कर सकते है। जरूरी दस्तावेज की बात करें तो आवेदन के लिए आपको आधार कार्ड की प्रति, जमीन के कागजात (खसरा/खतौनी), बैंक पासबुक की फोटोकॉपी और फसल बुवाई का प्रमाण पत्र साथ रखना होगा।
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