भारतीय घरों में चावल का सेवन काफी ज्यादा किया जाता है। वहीं कुछ लोग चावल पकाने के सही तरीके के बारे में नहीं जानते हैं। चावल पकाने का तरीका आपकी हेल्थ पर काफी असर डालता है। वहीं कई बार कुछ लोग चावल धोते ही तुरंत पकाने के लिए रख देते हैं, जोकि सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसे में आज हम आपको इस लेख में बताएंगे कि इस पर एक्सपर्ट्स का क्या कहना है। तो चलिए जानते हैं इस बारे में।
आपको बताते चलें कि इसपर एक्सपर्ट्स का कहना है कि चावल हमेशा भिगोकर ही पकाने चाहिए। चावल को पकाने से पहले पानी में भिगोने से उसकी पोष्टिकता बढ़ती है। पौष्टिकता के साथ ही ब्लड शुगर और डाइजेशन के लिए भी फायदेमंद होता है। चावल में एक नेचुरल तत्व फाइटिक एसिड होता है, जो शरीर में आयरन, जिंक, कैल्शियम के अवशोषण को रोकता है। अगर आप चावल को बिना भिगोए पका देते हैं तो शरीर में पोष्टिक तत्व नहीं पहुंच पाते हैं। चावल को कुछ देर पानी में भिगोने से फाइटिक एसिड निकल जाता है। साथ ही पोषक तत्वों को अब्जॉर्प्शन आसान हो जाता है।
वहीं आयरन, जिंक की कमी से जूझ रहे लोगों को भिगे हुए चावल खाने से काफी फायदा पहुंचता है। हाल ही में हुई रिसर्च की मानें तो चावल को भिगोने से टेक्सचर अच्छा होता है और चावल आसानी से पक जाते हैं और सॉफ्ट भी रहते हैं। इसके साथ ही भीगे हुए चावलों को पकाने में आसानी होती है। चावल को भिगोने से इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है। यह डायबिटीक के मरीजों के लिए भी फायदेमंद होता है। इसके साथ ध्यान रखें कि आप चावल को भी भिगोने से पहले दो या तीन बार जरूर धो लें।









