Rajasthan Entertainment News: राजस्थान की लोक संस्कृति, मानवीय संवेदनाओं और ग्रामीण जीवन की सादगी को दुनिया तक पहुंचाने वाली चर्चित राजस्थानी-हिंदी फिल्म 'ओमलो' अब अपने सबसे बड़े डिजिटल सफर की शुरुआत करने जा रही है। कान्स फिल्म मार्केट में सराहना हासिल करने के बाद यह फिल्म 3 जुलाई से वेव्स ओटीटी पर स्ट्रीम होगी। खास बात यह है कि फिल्म एक साथ करीब 120 देशों में रिलीज होगी, जिससे राजस्थान की संस्कृति, लोकजीवन और यहां की कहानियों को वैश्विक मंच मिलेगा।

दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में फिल्म की टीम मौजूद रही। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फिल्म के लेखक, निर्देशक, अभिनेता और निर्माता सोनू रणदीप चौधरी, निर्माता रोहित माखीजा, मनीष गोपलानी, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संगीतकार एवं गायक गाजी खान बरना, सह-निर्माता अजय राठौड़, अभिनेता शंभू महाजन, देव शर्मा, महेश जिलावा, वंदना गुप्ता और हेड ऑफ प्रोडक्शन एवं आर्ट डायरेक्टर यतीन राठौड़ ने फिल्म के सफर और उपलब्धियों को साझा किया। वहीं एक्टर प्रोड्यूसर सोनू चौधरी ने बताया कि 'ओमलो' की कहानी राजस्थान के बीकानेर जिले के श्री डूंगरगढ़ क्षेत्र के धोलिया गांव की पृष्ठभूमि पर आधारित है।

'ओमलो' ने बढ़ाया राजस्थान का मान

आपको बता दें कि ओमलो' ने रिलीज से पहले ही अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में अपनी अलग पहचान बना ली है। कान्स फिल्म मार्केट में विशेष स्क्रीनिंग के बाद फिल्म को वैश्विक स्तर पर सराहा गया। इसके अलावा फिल्म ने अमेरिका के अटलांटा इंडियन फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट फीचर फिल्म का सम्मान जीता। राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म और सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का पुरस्कार मिला। वहीं नई दिल्ली फिल्म फेस्टिवल में इसे बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर के सम्मान से नवाजा गया। गोल्डन ज्यूरी अवॉर्ड्स में फिल्म ने बेस्ट डायरेक्टर, बॉलीवुड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट फीचर फिल्म, बेस्ट एक्टर और बेस्ट एक्ट्रेस, जबकि विंध्य इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट फीचर फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट एक्टर का पुरस्कार अपने नाम किया। ग्लोबल बेंगलुरु फिल्म फेस्टिवल में भी फिल्म को बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का सम्मान मिला।

3 जुलाई से 120 देशों में होगी रिलीज

फिल्म के निर्देशक और निर्माता सोनू रणदीप चौधरी ने कहा कि 'ओमलो' केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि राजस्थान की आत्मा, यहां की संस्कृति और लोगों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करती है। उनका कहना था कि उद्देश्य ऐसी कहानी कहना था, जो स्थानीय होकर भी दुनिया के हर इंसान के दिल तक पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वेव्स ओटीटी के माध्यम से यह फिल्म 120 देशों में देखी जाएगी। इससे न केवल राजस्थान की लोक संस्कृति और खूबसूरती को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी, बल्कि यहां के कलाकारों और फिल्म उद्योग के लिए भी नए अवसर खुलेंगे।