Rajmandir Cinema 50th Anniversary: जयपुर के मशहूर राजमंदिर सिनेमा से जुड़ी यादें एक बार फिर ताजा हो गईं, जब दर्शकों ने 50 साल पुराने सिनेमा सफर को याद किया। किसी ने कहा कि यहां पहली बार फिल्म 'चरस' देखी थी, तो किसी ने 'हम आपके हैं कौन' के दौर की भीड़ और उत्साह को याद किया। जिस जगह कभी बैडमिंटन कोर्ट हुआ करता था, वहीं बाद में राजमंदिर सिनेमा बना और धीरे-धीरे यह शहर की पहचान बन गया।
गौरवशाली सफर के 50 वर्ष पूरे किए
आपको बता दें कि जयपुर के प्रसिद्ध राजमंदिर सिनेमा ने सोमवार को अपने गौरवशाली सफर के 50 वर्ष पूरे कर लिए। इस खास अवसर को यादगार बनाने के लिए राजमंदिर प्रशासन ने दर्शकों के लिए अनोखी सौगात दी। दिनभर के सभी 5 शो निशुल्क रखे गए और दर्शकों को उन फिल्मों से रूबरू कराया गया, जिन्होंने कभी राजमंदिर के इतिहास में रिकॉर्ड बनाए थे।
सिनेमा परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। प्रवेश द्वार से लेकर लॉबी तक राजमंदिर के 50 वर्षों के सफर को तस्वीरों, पोस्टरों और यादगार पलों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। यहां पहुंचने वाले लोगों ने न केवल फिल्में देखीं, बल्कि अपने अतीत और राजमंदिर से जुड़ी यादों को भी एक बार फिर जीया।
1 जून 1976 को शुरू हुआ राजमंदिर सिनेमा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 1 जून 1976 को शुरू हुआ राजमंदिर सिनेमा आज केवल एक थिएटर नहीं, बल्कि जयपुर की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। अपनी अनूठी आर्ट डेको वास्तुकला, विशाल ऑडिटोरियम, आकर्षक झूमरों, शानदार इंटीरियर और बेहतरीन साउंड सिस्टम के कारण इसे दुनिया के सबसे खूबसूरत सिनेमाघरों में गिना जाता है।
राजमंदिर में वर्षों से बॉलीवुड की कई बड़ी फिल्मों के प्रीमियर, ट्रेलर लॉन्च और विशेष शो आयोजित होते रहे हैं। यहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी फिल्म देखने के साथ इसकी भव्यता को निहारने पहुंचते हैं। कहा जाता है कि जब महान अभिनेता-निर्देशक राज कपूर राजमंदिर आए थे तो उन्होंने इसकी प्रशंसा करते हुए कहा था कि दुनिया को यहां से सीखना चाहिए कि फिल्मों को किस तरह प्रदर्शित किया जाता है।