Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म के बड़े और सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, यह त्योहार फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि (चौदहवें दिन) को मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से भक्तों को जीवन की मुश्किलों से राहत मिलती है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। अब सवाल यह उठता है कि व्रत का सही समय क्या है और व्रत कब तोड़ना सही है? आइए जानते हैं।
महाशिवरात्रि व्रत का समय 2026
2026 में, महाशिवरात्रि व्रत 15 फरवरी, 2026 को सुबह 5:17 बजे शुरू होगा। व्रत 16 फरवरी, 2026 को सुबह 6:59 बजे के बाद खत्म होगा। व्रत के दौरान खाना खाना मना है। भक्त फल, दूध और दूसरे शाकाहारी खाने का सेवन कर सकते हैं। अगर हो सके तो इस रात जागरण करना बहुत शुभ माना जाता है।
महाशिवरात्रि 2026 पूजा मुहूर्त
निशिता काल पूजा: 15 फरवरी, 2026, सुबह 12:09 बजे से 1:01 बजे तक। पहला प्रहर पूजा: 15 फरवरी, 2026, शाम 6:11 बजे से 9:23 बजे तक। दूसरा प्रहर पूजा: 16 फरवरी, रात 9:23 बजे से 12:35 बजे तक। तीसरा प्रहर पूजा: 16 फरवरी, सुबह 12:35 बजे से 3:47 बजे तक। चौथा प्रहर पूजा: 16 फरवरी, सुबह 3:47 बजे से 6:59 बजे तक।
महाशिवरात्रि व्रत विधि
ब्रह्म मुहूर्त में उठें, साफ़-सफ़ाई से नहाएं और मन ही मन व्रत का संकल्प लें। इसके बाद, शिवलिंग की गंगाजल, दूध और बेलपत्र से पूजा करें। विधिवत पूजा करें। पूरे दिन संयम रखें और कोई भी अनाज न खाएं। आप अपनी ज़रूरत के हिसाब से फल, दूध या साबूदाना जैसे शाकाहारी खाने की चीज़ें खा सकते हैं। शाम को फिर से भगवान शिव की आरती करें। शिव की महिमा की कहानी पढ़ें या सुनें। पूरी रात जागकर भजन गाना और मंत्र पढ़ना शुभ और फलदायी माना जाता है।
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