Jyeshtha Purnima 2026: वैदिक पंचांग के अनुसार, कल यानी 29 जून को ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि है। सनातन धर्म में पूर्णिमा की तिथि का महत्व और भी ज्यादा माना गया है। मान्यता है कि इस दिन दान-पुण्य करने का विधान है। विद्वानों के अनुसार, जो भी जातक इस दिन सच्चे मन से दान-पुण्य करता है उसके जीवन में सुख-समृद्धि बना रहता है। साथ ही उसे कभी भी किसी भी चीज की दिक्कत नहीं होती है।
लेकिन इस दिन कुछ नियमों का पालन करना पड़ता है। यदि आप इन नियमों का पालन नहीं कर पाते हैं तो आपसे भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं। इसलिए आज इस खबर में बताने वाले हैं कि आखिर ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए।
पूर्णिमा पर भूलकर न करें कार्य
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत 29 जून को रखा जाएगा। इस दिन तामसिक भोजन का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इस दिन पूरे सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए। मान्यता है ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
इसके साथ ही इस दिन घर का माहौल बिल्कुल शांत रखें। बिना मतलब के कलह क्लेश से बचें। किसी से वाद-विवाद भूलकर भी न करें। ऐसा करने से घर में मां लक्ष्मी नहीं आती है और घर में दरिद्रता बनी रहती है।
पूर्णिमा के दिन ज्यादा देर तक न सोयें, बल्कि इस दिन सूर्योदय से पहले ही जग जाएं और स्नान ध्यान करें साथ ही भगवान विष्णु की पूजा-पाठ विधि-विधान से करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन जरूर करें ये काम
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। इसके साथ ही दान-पुण्य करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन आप दान में तिल, कपड़ा, अनाज या फिर पानी का घड़ा दान कर सकते हैं।
धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण भगवान की कथा करवा सकते हैं और प्रसाद का वितरण करवा सकते हैं। ऐसा करने से घर में धन-धान्य की कभी भी कमी नहीं होती है।
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