Yamuna Water Rajasthan: शेखावाटी के तीन जिलों (सीकर, चूरू और झुंझुनूं) तक यमुना का पानी लाने का रास्ता साफ हो गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नई दिल्ली में सोमवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, राजस्थान और हरियाणा सरकार के बीच मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MOA) हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील, सीएम भजनलाल शर्मा और हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने एमओए पर हस्ताक्षर किए। एमओए के बाद अब यमुना का पानी राजस्थान लाने के लिए काम आगे बढ़ेगा। कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम शुरू होगा। शेखावाटी के तीन जिलों के गांवों और शहरों में यमुना का पानी पाइपलाइन के जरिए लाया जाएगा। यह पानी पीने के काम आएगा।
एमओए पर साइन के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है, दशकों का इंतजार खत्म हो रहा है। शेखावाटी के तीन जिलों को यमुना का पानी पहुंचाने के लिए एमओए एक ऐतिहासिक कदम है। हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा- हरियाणा इस प्रोजेक्ट के लिए हरसंभव सहयोग करेगा। हरियाणा से पाइपलाइन के जरिए पानी लाया जाएगा। इस पाइपलाइन का 95 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा में आएगा। जल संसाधन विभाग अब जमीन अधिग्रहण का काम हाथ में लेगा। जमीन अधिगग्रहण का काम हरियाणा और राजस्थान सरकार मिलकार पूरा करेंगे। पाइपलाइन के लिए जिन लोगों से जमीन ली जाएगी, उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।
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यमुना का पानी शेखावाटी के तीन जिलों तक पहुंचाने के लिए साल 1994 में राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल समझौता हो चुका था। जो कागजों तक ही रहा और इस पर सहमति नहीं बन पाने से काम आगे नहीं बढ़ सका। 2001 में भी हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से राजस्थान को पानी मिलना तय हुआ था, लेकिन इस पर काम आगे नहीं बढ़ा। साल 2024 में यमुना जल समझौते पर काम फिर शुरू हुआ। शेखावाट तक यमुना का पानी पहुंचाने के लिए 17 फरवरी 2024 को केंद्र, राजस्थान और हरियाणा सरकार के बीच त्रिपक्षीय एमओयू हुआ। इसके बाद डीपीआर पर काम शुरू हुआ। डीपीआर बनने के बाद अब एमओए हुआ है। एमओए के बाद अब प्रोजेक्ट का काम आगे बढ़ेगा।







